Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष से धनबाद के विधायक ने की मुलाकात, धनबाद में तेज हुई राजनीतिक फुसफुसाहट

    By Ravi Ranjan Anand Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:43 PM (IST)

    BJP Dhanbad: धनबाद विधायक राज सिन्हा ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस भेंट को झारखंड और कोयलांचल की ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नितिन नवीन को गुलदस्ता भेंट करते धनबाद के विधायक राज सिन्हा।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Jharkhand BJP: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के चल रहे संगठनात्मक चुनाव के बीच धनबाद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। धनबाद विधायक एवं झारखंड विधानसभा में भाजपा के सचेतक राज सिन्हा ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की।

    नितिन नवीन के हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद हुई इस भेंट को संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। मुलाकात के दौरान विधायक राज सिन्हा ने नितिन नवीन को पुष्पगुच्छ भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

    दोनों नेताओं के बीच झारखंड, विशेषकर कोयलांचल क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी रणनीतियों और राज्य में जनकल्याण एवं विकास को गति देने वाले मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    विधायक सिन्हा ने कहा कि नितिन नवीन का कुशल, दूरदर्शी और प्रेरणादायी नेतृत्व संगठन को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा। हालांकि, इस मुलाकात के सियासी मायने धनबाद तक पहुंचते ही चर्चा का विषय बन गए हैं।

    भाजपा के भीतर यह कोई रहस्य नहीं है कि धनबाद महानगर भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर मतभेद उभर आए हैं। विधायक राज सिन्हा जहां वर्तमान महानगर अध्यक्ष श्रवण राय को दोबारा जिम्मेदारी सौंपे जाने के पक्षधर बताए जा रहे हैं, वहीं धनबाद के भाजपा सांसद नितिन भट्ट किसी नए चेहरे को अध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों खेमों के बीच अंदरखाने खींचतान की चर्चा है।

    ऐसे में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष से राज सिन्हा की मुलाकात को संगठन चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। धनबाद में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कानाफूसी शुरू हो गई है कि आखिर इस मुलाकात में क्या-क्या बातें हुईं।

    क्या महानगर संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चा हुई, या यह केवल शिष्टाचार भेंट तक सीमित रही-इस पर फिलहाल पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह तय है कि इस मुलाकात ने धनबाद भाजपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।