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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड में नया साल- 2020 होगा चुनावी साल, विकास कार्य 2021 में Dhanbad News

By MritunjayEdited By:
Published: Wed, 11 Dec 2019 11:20 AM (IST)Updated: Fri, 13 Dec 2019 09:00 AM (IST)

विधानसभा चुनाव का शोर थमते ही नए साल में फिर पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएगी। 2020 में इसी ...और पढ़ें

झारखंड में नया साल- 2020 होगा चुनावी साल, विकास कार्य 2021 में Dhanbad News
झारखंड में नया साल- 2020 होगा चुनावी साल, विकास कार्य 2021 में Dhanbad News

धनबाद [चरणजीत सिंह]। झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 के मद्देनजर चुनाव आयोग द्वारा लागू आचार संहिता के कारण विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। लेकिन, विधानसभा चुनाव के बाद भी यह ब्रेक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। विधानसभा चुनाव के बाद तीन-चार महीने के लिए ब्रेक हटेगा। इसके तुंरत बाद मई-जून में नगर निकायों का चुनाव होगा। इस कारण विकास कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। नगर निकाय चुनावों के दो-तीन महीने के बाद फिर पंचायत चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे फिर विकास कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। यानी नए साल 2010 में विकास कार्यों को गति नहीं मिलेगी।

विधानसभा चुनाव का शोर थमते ही नए साल में फिर पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएगी। 2020 में इसी समय सूबे में अक्टूबर से दिसंबर तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया जाएगा। इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव संगीता लाल ने ग्रामीण विकास विभाग (पंचायती राज) सचिव को पत्र जारी किया है, जिसमें त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन, 2020 के अनुमानित व्यय के संबंध में दिशा निर्देश दिए हैैं। गांव की सरकार चुनने के लिए जिलावार मतदान केंद्रों की संख्या के आधार पर प्रत्येक जिला से व्यय भार का आकलन कराते हुए अनुमानित व्यय की राशि का प्रस्ताव जिला से ही प्राप्त करने का निर्देश देते हुए इसे 2020-21 के आय-व्यय में वांछित राशि का अभी से उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह नोटिफिकेशन राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को भी भेज दिया गया है। धनबाद उपायुक्त कार्यालय में भी यह पत्र मंगलवार को पहुंच चुका है। जिसमें कहा गया है कि पंचायत चुनाव के निमित सभी संभावित व्यय का सही आकलन करते हुए जानकारी उपलब्ध कराया जाए।

ये है निर्देशः पत्र में कहा गया है कि राज्य में वर्ष 2020 के अक्टूबर-दिसंबर माह में त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन कराया जाना है। ऐसे में आयोग स्तर से आपूर्ति की जाने वाली सामग्रियों को छोड़कर अन्य सभी सामग्रियों की व्यवस्था जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के स्तर से की जानी है। पत्र में निर्वाचन संबंधी बजट का आकलन करते समय कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विशेष गौर फरमाए जाने का निर्देश भी दिया गया है।

गांव की सरकार चुनने के लिए बनेंगे 54 हजार 5 सौ मतदान केंद्रः त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन हेतु जिन बिंदुओं पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश राज्य चुनाव आयोग ने दिया है। उनमें क्रमश: संभावित मतदान केंद्रों की संख्या साढ़े 54 हजार होगी। प्रति मतदान केंद्र कर्मचारियों की संख्या पांच (एक पीठासीन पदाधिकारी व चार मतदान अधिकारी) रहेगी। यह भी कहा गया है कि एक ही मतदान कर्मी को एक से अधिक चरण में भी निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त किया जा सकता है।

मतपत्रों की छपाई में खर्च होंगे 30 करोड़ः मतपत्रों की छपाई की संभावित दर तीन रुपये प्रति मतपत्र हो सकता है। ऐसे में इस मद में संभावित व्यय 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना चाहिए। पोलिंग, पेट्रोलिंग पार्टी का प्रशिक्षण व्यय एवं उनके मतदान कार्य में लगाए जाने के निमित्त यात्री व्यय का भी आकलन करने को कहा गया है।