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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Diana Award 2020: गिरिडीह के नीरज को मिला ग्रेट ब्रिटेन का डायना अवार्ड, बाल श्रमिकों को स्कूल से जोड़ बनाई अपनी पहचान

By MritunjayEdited By:
Published: Thu, 02 Jul 2020 10:26 AM (IST)Updated: Thu, 02 Jul 2020 05:47 PM (IST)

नीरज मुर्मू किसान रामजीत मुर्मू का बेटा है। पिता भी सामाजिक कार्य करते रहते हैं। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के ...और पढ़ें

Diana Award 2020: गिरिडीह के नीरज को मिला ग्रेट ब्रिटेन का डायना अवार्ड, बाल श्रमिकों को स्कूल से जोड़ बनाई अपनी पहचान
Diana Award 2020: गिरिडीह के नीरज को मिला ग्रेट ब्रिटेन का डायना अवार्ड, बाल श्रमिकों को स्कूल से जोड़ बनाई अपनी पहचान

गिरिडीह [ त्रिभुवन कुमार ]। सामाजिक सरोकार के लिए गिरिडीह जिले में तिसरी प्रखंड के दुलियाकरम गांव के आदिवासी युवा नीरज मुर्मू को ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड मिला है। बाल मजदूरी करने वाले दर्जन भर गरीब बच्चों को स्कूल भेजने में कामयाब रहने पर उन्हें यह सम्मान मिला है। बुधवार की रात साढ़े आठ बजे ऑनलाइन समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। उनके साथ कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के प्रतिनिधि मुकेश तिवारी के साथ दर्जनों ग्र्रामीण भी थे। नीरज मुर्मू बचपन में माइका की बंद खदान में ढिबरा चुनते थे। युवा होने के बाद उन्होंने गरीब बच्चों के बचपन को बचाने का फैसला लिया। याद दिला दें कि पिछले साल भी गिरिडीह के गावां की किशोरी चंपा को डायना अवार्ड मिला था। वह भी बचपन में माइका की बंद खदान में ढिबरा चुनती थी। कई बाल विवाह रुकवाने पर उन्हें यह सम्मान मिला था। 

नीरज मुर्मू किसान रामजीत मुर्मू का बेटा है। पिता भी सामाजिक कार्य करते रहते हैं। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के सदस्यों ने पांच साल पहले नीरज मुर्मू का नाम चंदौरी बालक मध्य विद्यालय में लिखवाया था। इसके बाद वह बाल पंचायत का सदस्य चुना गया। उसके साथ 12 बच्चे ढिबरा चुनते थे। नीरज मुर्मू ने धीरे धीरे सारे बच्चों की बाल मजदूरी बंद करायी। उनका स्कूल में दाखिला कराया। वह ग्राम युवा मंडल का अध्यक्ष भी बनाया गया। इसके बाद उसने प्रखंड कार्यालय में जाकर लोगों की समस्याओं के निदान की कवायद शुरू कर दी। सामाजिक कार्यकर्ता के नाते उसने श्रमदान के जरिए जर्जर सड़कों के गड्ढों को भी भराने का भी काम कराया। 

राजकुमारी डायना की याद में हर साल दिया जाता पुरस्कार 

वेल्स की राजकुमारी डायना की स्मृति में प्रत्येक साल यह अवार्ड नौ साल के बच्चों से लेकर 25 साल के युवाओं को दिया जाता है। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े मसले पर आगे बढ़ कर काम किया है। 1999 से ब्रिटेन सरकार ने डायना अवार्ड देना शुरू किया है। सफल प्रतिभागियों को चुनने के लिए बोर्ड बना हुआ है।