धनबाद, जेएनएन:  200 साल से ज्यादा पुराना शहर है कतरास। कतरी नदी के तट पर बसा यह शहर अपने गर्भ में सुनहरे अतीत को समेटे हुए है। कभी राजा-रजवाड़ों की नगरी रहे इस शहर में मनोकामना पूरी करने वाली मां लिलोरी का सैंकड़ों साल पुराना धाम भी है। मां के इस मंदिर में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर न जाने क्यों रेलवे इस गौरवशाली शहर से रूठ गई है। पहले जहां लंबी दूरी और झारखंड-बिहार को जोड़ने वाली ट्रेनों का ठहराव कतरास से हटा लिया गया, वहीं अब धनबाद-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस भी इस लिस्ट में शामिल हो गई है। इंटरसिटी चौथी ट्रेन है जो अब अब कतरासगढ़ स्टेशन पर नहीं रुकेगी। 

सुबह रांची जाने के लिए धनबाद या चंद्रपुरा पहुंचना होगा 

15 जनवरी से धनबाद से चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव यहां के बाद सीधे चंद्रपुरा में दिया गया है। इससे पहले इंटरसिटी न सिर्फ कतरासगढ़ बल्कि फुलारीटांड़ में भी रुकती थी। अब इन दोनों स्टेशनों से ठहराव हटा लिया गया है। यानी धनबाद-चंद्रपुरा के बीच के स्टेशनों के यात्रियों को अब कई ट्रेनों की सुविधा से महरूम रहना होगा। सुबह रांची जाने के लिए कतरास से धनबाद या चंद्रपुरा जाना होगा। 

बढ़ रही आबादी घट रही ट्रेन 

आंकड़ों पर गौर करें तो सिर्फ कतरास शहर की आबादी 2001 में लगभग 52 हजार थी। तकरीबन 20 वर्षों में आबादी लगभग दो गुनी हो गई है। लगातार बढ़ती आबादी के बाद भी ट्रेन बढ़ने के बजाय ठहराव हटाकर सुविधाएं छीनी जा रही हैं। अगर यही हाल रहा तो धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन बंदी के दौरान शुरू हए आंदोलन का एक फिर आगाज होगा।  

अब तक कौन-कौन सी ट्रेन का हटा ठहराव 

08619-08620 रांची-दुमका इंटरसिटी

03403-03404 रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस 

09607-09608 कोलकाता-अजमेर-मदार एक्सप्रेस 

03303-03304 धनबाद-रांची इंटरसिटी

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