जागरण संवाददाता, धनबाद: राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना मुख्यमंत्री बेबी किट का लाभ अब धनबाद में भी लोगों को मिलना शुरू हो चुका है। हालांकि समस्‍या यह है कि सरकार ने लाभुकों की संख्‍या से बेहद कम बेबी किट उपलब्‍ध कराई है। किट की उपलब्‍धता कम होने के कारण सहियाओं और स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हर सुबह स्वास्थ्य कर्मी और सहियाएं बेबी किट लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच रहे हैं।

दरअसल सरकारी अस्पतालों में जन्म के बाद नवजात बच्चों को राज्य सरकार की ओर से यह किट दी जा रही है। लगभग 15 सौ रुपये की इस किट में नवजात की जरूरत के सभी सामान उपलब्‍ध कराए गए हैं। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के आंकड़े के अनुसार, धनबाद में प्रतिवर्ष 72 हजार नवजात बच्चों का जन्म हो रहा है, लेकिन पहले फेज में राज्य सरकार की ओर से मात्र 11490 बेबी किट धनबाद को दी गई है। कम किट मिलने के कारण इसके वितरण में परेशानी हो रही है।

सहियाएं मांग रहीं 10-10 किट, विभाग की ओर से दिए जा रहे चार

बेबी किट को लेकर सहिया सुबह से ही सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच गई है। शनिवार को काफी संख्या में सहियाएं सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचीं। सभी लोग कम से कम 10-10 बेबी किट की मांग कर रही थीं, जबकि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सभी को चार-चार बेबी किट दी गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी किट कम मात्रा में धनबाद को मिली है। दूसरी खेप में बेबी किट आने के बाद सबके बीच फिर वितरण किया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर इसका वितरण किया जा रहा है।

सरकार की महत्वपूर्ण योजना, गरीब परिवारों के लिए राहत

सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि इससे गरीब परिवारों के लिए राहत मिलेगी। बेबी किट में बच्चों के लिए मसाज ऑयल, उसके गर्म कपड़े, बच्चों की बेड, पाउडर, मच्छरदानी समेत कई जरूरी सामान हैं। गरीब परिवार अपने नवजात के लिए जन्म के समय कपड़े या जरूरी सामान आर्थिक परेशानी की वजह से नहीं खरीद पाते हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है। सिविल सर्जन ने बताया कि सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को निश्‍शुल्क यह किट दी जा रही है।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

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