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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: धनबाद में तेज आवाज के साथ फटी धरती, गोफ में समा गए तीन घर; छह मकान मलबे में हुए तब्दील

By Brij Nandann ThakurEdited By: Shashank Shekhar
Published: Sun, 08 Oct 2023 03:54 PM (IST)

धनबाद में बीसीसीएल इलाके में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बरकरार है। यहींं भू धंसान लगातार हो रही है। ...और पढ़ें

धनबाद में तेज आवाज के साथ फटी धरती, गोफ में समा गए तीन घर
धनबाद में तेज आवाज के साथ फटी धरती, गोफ में समा गए तीन घर

HighLights

  1. डेढ़ घंटा के बाद परिवहन कार्य चालू हुआ
  2. करीब एक सौ फीट की परिधि में बीस फीट गहरा गोफ बना

संवाद सहयोगी, कतरास। धनबाद के बीसीसीएल क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बरकरार है। यहां आए दिन भू धंसान होती रहती है। रविवार की सुबह भी जोगता के 11 नंबर बस्ती में भू-धसान के साथ बड़ा गोफ बन गया, जिसमें जय कुमार मिश्रा, नंदलाल भुइयां और अरुण भुइयां का घर समा गए। सामान भी मलबे में दब गए।

वहीं, मोहल्ले की जमीन में दरार पड़ गई। बताया जा रहा है कि गोफ से भारी मात्रा में गैस का रिसाव शुरू हो गया। आधा दर्जन घर को भी नुकसान हुआ है। घटना के बाद से मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। गनीमत था कि जोरदार आवाज के साथ भूगर्भीय हलचल महसुस कर लोग घर से बाहर निकल आए थे।

घटना के बाद बच्चों के साथ आंदोलन पर उतरे 

घटना से प्रभावित लोग अपने बच्चों के साथ आंदोलन पर उतर आये हैं। आउट सोर्सिंग कंपनी का परिवहन कार्य रोक दिया गया है। कनकनी कोलियरी के पीओ नारायण प्रसाद पूरी प्रबन्धकीय टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने घटना का जायजा लेने के बाद स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की।

इधर, डेढ़ घंटा के बाद परिवहन कार्य चालू हुआ। करीब एक सौ फीट की परिधि में बीस फीट गहरा गोफ बना है। जान जोखिम में डालकर लोग मलबा से समान निकाल रहे है। पहले जय कुमार मिश्रा के बंद घर जमीन में धसा। इसके बाद नंदलाल भुइयां और अरुण भुइयां का घर भी इसकी चपेट में आ गया।

आस-पास के लोग अपने अपने घरों का समान निकालना शुरू कर दिए हैं। इस दौरान नंदलाल की बेटी अंजली कुमारी भागने के दौरान चोटिल हो गई। दुर्गा भुइयां, अरुण भुइयां, शंकर भुइयां, चिंता देवी, शांति देवी, ब्रह्मदेव चौधरी के घरों में दरार पड़ गया है।

पुनर्वास की मांग पर अड़े स्थानीय लोग 

दुर्गा के परिजन दीवार तोड़कर घर से समान निकाल कर स्कूल के समीप रखा। ग्रामीण पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग पर अड़े हुए है। पीओ ने ग्रामीणों से कहा कि यह डेंजर जोन घोषित कर दिया गया है। जरेडा के तहत सभी को बेलगड़िया में आवास दिया जा रहा है। समान की ढुलाई के लिए व्यवस्था प्रबंधन की ओर से किया जा रहा है।‌

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि हमें तेतुलमारी या उसके आस-पास में जमीन मुहैया कराया जाए। हमलोग वहीं घर बनाकर रहेंगे।

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इसी मोहल्ले में 14 अगस्त की रात श्याम बहादुर भुइयां अपने बेटे 11 वर्षीय अरूण भुइयां तथा नौ वर्षीय तरुण कुमार के साथ गोफ में समा गया था। गांव के लोगों ने रस्सी के सहारे निकाला था। तीनों जख्मियों कोएसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जो स्वस्थ होकर लौट आये।

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