धनबाद [श्रवण कुमार]। कोयलांचल की बेटियां खेल के दम पर मैदान में अपना मुकद्दर लिखने में जुटी हैं। विशेषकर क्रिकेट, वुशू, वालीबॉल एथलेटिक्स में लगातार नाम कमा रही हैं। यही नहीं अपने खेल के दम पर स्पोटर्स टीचर से लेकर कोच के पद पर भी हैं। महिला क्रिकेटर दुर्गा मुर्मू, रूमा कुमारी महतो व सुनीता मुर्मू, योग प्रशिक्षक कुसुम महतो, महिला एथलेटिक्स कोच सुजापा ठाकुर खेल के मैदान पर अपना मुकद्दर लिख रही हैं। दुर्गा, रूमा व सुनीता ने झारखंड महिला सीनियर क्रिकेट टीम में जगह बनाई है, तो सुजापा ठाकुर आइआइआटी आइएसएम में एथलेटिक्स की कोच हैं, तो वालीबॉल में साल्वी, प्रीति, निशि व नीतू सफलता की उड़ान भर रही हैं।

दुर्गा व रूमा ने क्रिकेट से बनाई पहचानः बलियापुर प्रखंड की दुर्गा मुर्मू, रूमा कुमारी महतो व सुनीता मुर्मू क्रिकेट के जरिए अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। तीनों सीनियर झारखंड महिला क्रिकेट की सदस्य हैं। रूमा कुमारी महतो अंडर 19 व अंडर 23 सीनियर क्रिकेट टीम में खेलने के साथ धनबाद की कप्तान रही चुकी हैं। रूमा झारखंड महिला टीम से सलामी बल्लेबाजी करती हैं। दुर्गा मुर्मू तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी माहिर हैं। वह अंडर 19 स्टेट टीम, अंडर 19 जोनल व अंडर 23 स्टेट टीम में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। सुनीता मुर्मू अच्छी बल्लेबाजी करती हैं। वह भी अंडर 19 व 23 स्टेट टीम में खेल चुकी हैं। कोच श्रीराम दुबे के मार्गदर्शन में तीनों इस मुकाम पर पहुंची हैं और अगला लक्ष्य भारतीय टीम में जगह बनाना है।

वालीबॉल से भरी सफलता की उड़ानः साल्वी सिन्हा, निशि कुमारी, प्रीति कुमारी और नीतू बाउरी वालीबॉल के जरिए सफलता की उड़ान भर रही हैं। चारों राज्य से सीनियर नेशनल महिला वालीबॉल चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साल्वी सिन्हा राजकमल विद्या मंदिर, प्रीति कुमारी डिनोबिली किरोडीह, निशि कुमारी व डिनोबिली सीएमआरआइ में फिजिकल एजुकेशन स्पोट्र्स टीचर हैं। वहीं नीतू बाउरी बीबीएमकेयू महिला वॉलीबाल टीम की कप्तान है। साल्वी, प्रीति व निशि स्पोट्र्स टीचर का दायित्व निभाने के साथ हीरापुर वॉलीबाल स्टेडियम में लड़कियों को वॉलीबाल का ट्रेनिंग भी देती है।

सुजापा एथलेटिक्स में इकलौती महिला कोचः सुजापा ठाकुर धनबाद में एथलेटिक्स की इकलौती महिला कोच व जिला एलेटिक्स संघ सेलेक्शन कमिटि की सदस्य हैं। पांच साल की उम्र में इसने दौडऩा शुरू किया। वर्ष 1999 में अंडर 22 सीनियर नेशनल एलेटिक्स मीट में महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में तीसरे स्थान पर रही। अभी आइआइटी आएसएम में एथलेटिक्स कोच के पद पर हैं। उससे पहले गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर के तौर पर सेवा दे चुकी हैं। ऑल इंडिया आइआइटी एथलेटिक्स में संस्थान की आरती गुप्ता सुजापा से ट्रेनिंग लेकर  चैंपियन बनी। वहीं सुजापा से प्रशिक्षण लेकर आइआइटी आइएसएम का राहुल प्रसाद ने पिछले महीना राष्ट्रीय खेल दिवस रोड रेस में बाजी मारी थी।

प्रीति वुशू व कुसुम योग में माहिरः धनबाद स्थित बरमसिया की प्रीति महतो वुशू व कुसुम महतो योग की माहिर खिलाड़ी होने के साथ कुशल प्रशिक्षक भी हैं। प्रीति वुशू और कुसुम योग के जरिए न केवल आगे बढ़ीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़ा होने में कामयाब रहीं हैं। दोनों राज्य स्तरीय वुशू व योग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। कुसुम महतो डीएवी कुसुंडा में स्पोट्र्स टीचर हैं। प्रीति महतो भी स्पोट्र्स टीचर रह चुकी हैं।

साल 2011 से क्रिकेट खेलना आरंभ किया। क्रिकेट ही मेरा जुनून है। अभी झारखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम में हूं। देश के लिए खेलना मेरा सपना है।

-रूमा कुमारी महतो, झारखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम की सदस्य

लड़कियों के लिए खेल के क्षेत्र में करियर बनाना आसान नहीं है। परेशानी कितनी भी हो डटकर सामना करें। सफलता अवश्य मिलेगी। विभिन्न तरह की कठिनाईयों को जूझते हुए आज इस मुकाम पर पहुंची हूं।

-सुजापा ठाकुर, महिला एथलेटिक्स कोच 

Posted By: Mritunjay

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