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    बाप रे बाप! धनबादवासी हर माह खा जाते हैं 2.5 करोड़ का पेन किलर

    By Mohan Kumar Gope Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 02:43 PM (IST)

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने धनबाद में निमेसुलाइड पेन किलर पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब 100 मिलीग्राम से अधिक वाली टैबलेट्स की बिक्री और प्रिस्क्रिप् ...और पढ़ें

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    निमेसुलाइड पेन किलर पर प्रतिबंध।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। पेट दर्द, शरीर के दर्द पर दी जाने वाले जानी-मानी पेन किलर दवा निमेसुलाइड पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रतिबंध लगा दिया है। अब धनबाद में भी इस दवा पर प्रतिबंध लग गया है। कोई भी चिकित्सक 100 मिलीग्राम से अधिक वाली निमेसुलाइड टैबलेट्स नहीं लिख सकते हैं। इसके साथ दवा दुकानदार को भी यह स्टाक नहीं रखने हैं।

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    इन दोनों की निगरानी ड्रग इंस्पेक्टर कार्यालय से होगी। धनबाद के ड्रग इंस्पेक्टर बीरेंद्र श्वासी ने बताया कि पहले से इस दवा को लेकर बैन लगाई गई है। अब इसे और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने सभी दवा के थोक व खुदरा व्यवसायियों से इसकी बिक्री नहीं करने की अपील की है।

    दवा व्यवसायी सूत्रों की मानें तो धनबाद में हर माह लगभग 2.5 करोड़ रुपए का पेन किलर बेची जा रही है। इसमें तक प्रकार के पेन किलर हैं। बदन दर्द, पेट दर्द, सिर दर्द, दांत दर्द आदि की दवा सबसे ज्यादा बिकती है।

    कई पेन किलर पर्ची पर मिल रही है, तो कुछ दुकानदार बिना पर्ची के दी दवा दे देते हैं। इसमें एक पेन किलर निमेसुलाइड भी है। लेकिन अब इसे बाजार में नहीं बेचना है। हालांकि दो तीन कंबिनेशन की दवा में निमेसुलाइड दिया जा सकता है।

    क्या कहा है सरकार ने
    निमेसुलाइड को लेकर पत्र जारी करते हुए सरकार ने कहा है कि 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड दवाओं का सेवन मनुष्यों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए बाजार में कई सुरक्षित विकल्प भी मौजूद हैं। ऐसे में निमेसुलाइड को बेचना ठीक नहीं है।

    बता दें कि निमेसुलाइड एक नान स्टेरायडनल दवा है, जिसका पेन किलर (दर्द से राहत पाने के लिए) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, सरकार ने इसे लेकर चिंता व्यक्त की है। 2011 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए निमेसुलाइड के इस्तेमाल पर बैन लगाया था।

    निमेसुलाइड पर बैन पहले से भी है। सरकार के नए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। इसके लिए सभी दवा व्यवसायियों को सूचित किया जा रहा है। चिकित्सक भी इसका पालन करें।-बीरेंद्र श्वासी, ड्रग इंस्पेक्टर, धनबाद

    बाजार में पहले से ही निमेसुलाइड की खेप काफी कम है। उसका बाजार भी कम है। अब सरकार के निर्देशों का पालन किया जाएगा। बाजार में दूसरे कई विकल्प मौजूद हैं।-ललित अग्रवाल,संयुक्त सचिव, झारखंड केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन