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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साक्षी बनीं आइआइटी आइएसएम धनबाद की बेस्‍ट गर्ल, लाइब्रेरी में लेटनाइट पढ़ाई और स्टेशन की मसाला चाय रहेगी याद

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Mon, 12 Dec 2022 05:06 PM (IST)

एमएससी टेक एप्लाइड जियोलाजी ब्रांच की साक्षी शर्मा को अपने ब्रांच के साथ ही विभिन्न गतिविधियों में तीन गोल्ड मेडल ...और पढ़ें

साक्षी बनीं आइआइटी आइएसएम धनबाद की बेस्‍ट गर्ल
साक्षी बनीं आइआइटी आइएसएम धनबाद की बेस्‍ट गर्ल

जागरण संवाददाता, धनबाद। आइआइटी आइएसएम ने सोमवार को 42वां दीक्षांत समारोह मनाया। 2020-21 बैच के पासआउट छात्रों-छात्राओं को डिग्रियां मिलीं। इनमें से एक साक्षी भी थीं। वाराणसी की रहने वाली साक्षी को माता गुरदेव कौर मेमोरियल अवार्ड फार बेस्ट गर्ल से सुशोभित किया गया। एमएससी टेक एप्लाइड जियोलाजी ब्रांच की साक्षी शर्मा को अपने ब्रांच के साथ ही विभिन्न गतिविधियों में तीन गोल्ड मेडल मिले। साक्षी को एमएससी टेक प्रोग्राम, प्रो.एनएल शर्मा गोल्ड मेडल और माता गुरदेव कौर मेमोरियल अवार्ड फार बेस्ट गर्ल स्टूडेंट मिला।

जियोलाजी रहा साक्षी का पसंदीदा विषय

लड़कियों की श्रेणी में साक्षी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सिर्फ संस्थान ही नहीं अपने स्वजन का भी मान बढ़ाया। साक्षी को अपने ब्रांच में 9.75 सीजीपीए मिला। पिता संजीव शर्मा निजी कंपनी में डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। मां तृप्ति शर्मा गृहिणी हैं। सेंट्रल हिंदू गर्ल्स स्कूल भेलूपुर से स्कूलिंग करने के बाद साक्षी ने आइआइटी आइएसएम में प्रवेश लिया। साक्षी ने बताया कि जियोलाजी उनका पसंदीदा विषय रहा है। आइएसएम इस ब्रांच के लिए बेस्ट संस्थान है इसलिए यहां दाखिला लिया।

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यहां इतने पैकेज पर हुआ है साक्षी का सिलेक्‍शन

साक्षी का इंडियन आयल दिल्ली में सीधे आफिसर रैंक पर 16.2 लाख के पैकेज पर कैंपस सिलेक्‍शन हुआ। साक्षी कभी घर से बाहर नहीं निकली थीं, आइएसएम में एडमिशन के बाद एक डर सा था, लेकिन यहां आकर सब खत्म हो गया। उन्‍होंने खूब मस्ती की, पढ़ाई की और अपना आत्मविश्वास जगाया।

साक्षी को आएगी गया सिंह के लिट्टी-चोखे की याद

यही वजह है कि दिल्ली में रहकर जाब कर पाई। आगे पीएचडी की सोच रही हैं। इसके बाद एग्जीक्यूटिव एमबीए करना है। आइएसएम में लेटनाइट तक लाइब्रेरी में पढ़ना, गया सिंह का लिट्टी-चोखा और रेलवे स्टेशन की मसाला चाय याद रहेगी। साक्षी ने पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा। साक्षी को पढ़ाई के अलावा गाना और डांस करना काफी पसंद है। जूनियर्स के लिए लिए यही मैसेज देंगी कि आइएसएम का सिलेबस बहुत ही अच्छा है। यह गेट, जीएसआइ और अन्य सभी तरह की परीक्षा के लिए बेहतर है।

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