धनबाद : दीपावली की रात गणेश- लक्ष्मी के पूजन से धन सम्पत्ति की प्राप्ति होती है जबकि मां काली की आराधना से कई सिद्धियां मिलती हैं। इन्ही शक्तियों को प्राप्त करने के लिए तांत्रिक मां काली की पूजा श्मशान में करते हैं।

काली मां दुर्गा की दस महाविद्याओं में एक मानी जाती हैं। काली शक्ति स्वरूपा हैं। इनकी भक्ति से भक्त को सभी विपदाओं से मुक्ति मिलती है। मा दुर्गा ने दैत्यों के संहार के लिए काली का रूप धारण किया था। काली काल एवं परिवर्तन की देवी मानी जाती हैं। तंत्र साधना में तात्रिक काली के रूप की उपासना करते हैं। मां काली को भवतारिणी यानी ब्रह्माड के उद्धारक के रूप में प्रतिष्ठित किया जाता है।

तांत्रिक चंदन शास्त्री के अनुसार अमावस की रात श्मशान काली की उपासना से कई शक्तियों को सिद्ध किया जा सकता है। मारण, मोहन, वशीकरण, आकर्षण जैसी सिद्धियां प्राप्त करने के लिए अमावस की रात महत्वपूर्ण होती है। इस दिन तांत्रिक ऊलूक तंत्र, काक तंत्र, बिडाल तंत्र के साथ पंच मकार साधना करते हैं। शास्त्री जी ने कहा कि तंत्र साधन से समाज के हित में कार्य करना ही श्रेयष्कर है।

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