Sawan 2023: बिहार के सुल्तानगंज से 'बोल बम बोल बम' कहकर चल पड़ेगी कल कांवड़ियों की टोली, देवघर में होगा विराम
सावन में द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा बैद्यनाथ में कांवरियों को सुरक्षित और सुलभ जलार्पण को लेकर बिहार और झारखंड की सरकार की तरफ से समुचित व्यव ...और पढ़ें

आरसी सिन्हा, देवघर। शिव, सावन और मलमास की त्रिवेणी में डुबकी लगाइए, देवघर में आपका स्वागत है। प्रशासन आपके आने की खुशी में पलकें बिछाए हैं। देवघर यानि देवों का घर ...। आतिथ्य का भाव है और आपके आने का इंतजार है। आपके सुरक्षित और सुलभ जलार्पण को लेकर बिहार और झारखंड की सरकार ने बेहतर समन्वय बनाकर कुछ नया किया है। सूचना तंत्र इतना मजबूत की पलक झपकते दोनों प्रांत का सिस्टम भक्तों की सेवा और उनकी सुविधा को आसान बनाने को तत्पर हो जाएगा।
देवघर में होगा शिवभक्तों की कांवर यात्रा का विराम
शिव, सावन और मलमास की त्रिवेणी का पावन साल है। उत्तरवाहिनी का कल कल करता पावन गंगा जल भगवान शंकर को अर्पित होने को व्याकुल है। सावन के एक दिन पहले आषाढ़ पूर्णिमा सोमवार को और श्रावणी के पहले दिन मंगलवार को बिहार के सुल्तानगंज घाट पर लाखों कांवरिया कांवर में मां गंगा की आराधना कर शुद्ध पात्र में जल भरकर बोल बम बोल बम कह कर चलेंगे। शिवभक्तों की कांवर यात्रा का विराम देवघर में होगा।

देवघर में होगा भोले बाबा के लाखों भक्तों का आगमन
द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा बैद्यनाथ को प्रत्येक दिन लाखों भक्त जलार्पण करेंगे। शासन और प्रशासन ने इस साल भीड़ नियंत्रण से लेकर सुरक्षित व सुलभ जलार्पण को कई नए इंतजाम किए हैं। पहली बार सुल्तानगंज से देवघर के बीच दोनों राज्यों के अधिकारियों का समन्वय अब तक से अलग होगा।
सूचना तकनीक को पुख्ता किया गया है। पहली दफा ऐसा है कि देवघर में एक नहीं दो इंटर स्टेट कोर्डिनेशन सेंटर बनाए गए हैं। झारखंड बनने के बाद पहली दफा अंतर राज्यीय सूचना केंद्र देवघर में बना है, जिसमें बिहार के बांका और जमुई जिला के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी 24 घंटा के लिए प्रतिनियुक्त होंगे। पहले 24 घंटा की सुविधा नहीं थी।
मेले में खोए लोगों को मुफ्त में घर पहुंचाने का इंतजाम
शहर के हृदय स्थल टावर चौक के निकट आरमित्रा उच्च विद्यालय के प्रांगण में यह अंतर राज्यीय सूचना केंद्र बनाया गया है। प्रशासन का अनुभव बताता है कि मेला में खो जाने वालों में अधिकांश बिहार के लोग रहते हैं।
प्रशासन उनको उनके घर तक पहुंचाने का मुफ्त इंतजाम करती है। परंतु अब तक उनको गंतव्य तक पहुंचने में समय लग जाता था। बिहार के जिला से संपर्क किया जाता था। उस समय को बचाने और शीघ्र उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के मकसद से यह पहल की गयी है।

हर एक चीज की कर ली गई है समुचित व्यवस्था
समाहरणालय में इंटर स्टेट कोर्डिनेशन सेंटर अलग से बनाया गया है। इसकी नोडल आफिसर कार्यपालक दंडाधिकारी सुप्रिया भगत बनायी गयी हैं। उनका कहना है कि सुल्तानगंज, बांका के नोडल आफिसर के साथ पल पल की सूचना पर संवाद होता जाएगा। सुल्तानगंज से कितने कांवरियों ने जल उठाया इसकी सूचना मिलते ही देवघर प्रशासन जल उठाने के दो दिन बाद उनके आने का आकलन कर उस हिसाब से तैयारी कर लेगा।
दूसरा ट्रैफिक नियंत्रण भी होगा। यदि वाहनों की संख्या देवघर में अधिक प्रवेश कर गयी और उससे समस्या आने लगी तो बांका जिला के नोडल आफिसर को सूचित कर वाहनों की बिहार में ही पार्किंग करायी जाएगी। तीसरा आपराधिक गतिविधि की सूचना भी तत्काल शेयर की जाएगी।
भक्त बुजुर्ग और बच्चों के पाकेट में दे दें अपना मोबाइल नंबर
मेला तो मेला होता है। इसमें भुला जाना बड़ी बात नहीं होती। उन भूले बिसरे लोगों को सहूलियत से मिलाने का एक नया रास्ता प्रशासन ने निकाला है। देवघर आने वाले भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे अपने मंडली में शामिल सभी लोगों के जिम्मे मंडली के मुखिया या सहयोगी का मोबाइल नंबर, कहां से आए हैं उसका पता।
यदि वाहन से आए हैं तो यह भी लिखकर दे दें कि किस बस पड़ाव में उनको आना है क्योंकि देवघर में छह अस्थायी बस पड़ाव है। इस प्रयास से प्रशासन को उस व्यक्ति को वहां तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। कोई भी भक्त नजदीक के सूचना केंद्र में जाकर जलार्पण की जानकारी, ठहरने और कतार में लगने की सूचना ले सकते हैं।
हाइटेक होगा मेला का नियंत्रण
इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम हाईटेक बनाया गया है। कंट्रोल रूम में पहली बार काॅमन एनाउंसमेंट सिस्टम लगाया गया है। एक बार सूचना प्रसारित होगी तो वह 20 किलोमीटर के मेला क्षेत्र में सुनाई देगी। पहली बार टू वे ऑडियो कैमरा सिस्टम लगाया गया है।
कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी जब कोई काॅमन सूचना देना चाहेंगे तो वह कंट्रोल रूम से संभव होगा। मेला क्षेत्र में तैनात अधिकारी प्रशासनिक शिविर से आइपी के माध्यम से वहां बैठे अधिकारी कंट्रोल रूम को जवाब देंगे। मेला क्षेत्र में 21 से ओपी प्रभारी और 11 यातायात ओपी प्रभारी पदाधिकारी कंट्रोल रूम के निर्देश पर भीड़ नियंत्रण व अन्य सूचनाओं पर अमल करेंगे।
मंदिर और मेला क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण प्वाइंट पर पीटीजेड कैमरा
पहली दफा 60 पीटीजेड कैमरा रूटलाइन से लेकर खास प्वाइंट पर लगाए गए हैं। श्रावणी मेला के साथ मलमास लग रहा है। दो महीना का मेला है। चार जुलाई से शुरू हो रहा है। मेला में प्रतिदिन एक लाख से अधिक तीर्थयात्रियों आते हैं।
मेला नियंत्रण के लिए 660 सीसीटीवी कैमरा लगे हैं। पिछली बार चार सौ कैमरा लगाया गया था। इस बार मेला पर नजर रखने का कैमरा का दायरा बढा दिया गया है। 60 पीटीजेड कैमरा से भीड़ को क्लोज कर मानीटरिंग होगी।

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