चतरा, जागरण संवाददाता: सोमवार को पुलिस और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। जिले के मरगडहा जंगल में दोनों ओर से रूक-रूक करीब डेढ़ से दो घंटे तक गोलीबारी होती रही। हालांकि इसमें किसी को कोई क्षति नहीं हुई है। अपनी कमजोर स्थिति को देखते हुए उग्रवादी जंगलों का लाभ उठाकर वहां से किसी तरह भागने में सफल हुए।

मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में भारी मात्रा में दवा और अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि उग्रवादियों की धर-पकड़ को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जिले को नक्सल से मुक्त कराना है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य और 25 लाख रुपये का इनामी गौतम पासवान, रीजनल कमांडर और दस लाख रुपये का इनामी नवीन यादव एवं जोनल कमांडर मनोहर गंझू का दस्ते के कुंदा और लावालौंग में होने की सूचना मिली थी। दस्ते में 20 से 25 की संख्या में सदस्य शामिल थे।

सूचना पुष्टि के लिए एक टीम का गठन किया गया, जिसमें जिला पुलिस, कोबरा एवं सीआरपीएफ के जवान थे। छापेमारी दल जैसे ही मरगडहा गांव के जंगली क्षेत्रों में पहुंचा, वैसे ही अचानक पुलिस बल पर फायरिंग शुरू हो गई। जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में जुट गए।

अपनी कमजोर स्थिति को देखते हुए माओवादी उग्रवादी जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले। इस बीच पुलिस ने माओवादियों के छह लीपिंग बैग, दस तिरपाल, भारी संख्या में दवाइयां व इंजेक्शन सिरिंज, पिट्ठू बैग, रेडियो एवं दैनिक उपयोग की सामग्रियां शामिल है।

Edited By: Mohit Tripathi

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