चतरा में हाथियों का तांडव, केवटा गांव में आधा दर्जन घर तोड़े; फसलें रौंदीं
सिमरिया के केवटा गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने मंगलवार रात कहर बरपाया। हाथियों ने लगभग आधा दर्जन गरीब परिवारों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और ख ...और पढ़ें
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केवटा गांव में हाथियों का उत्पात। फोटो जागरण
संवाद सूत्र, सिमरिया (चतरा)। सिमरिया प्रखंड के केवटा गांव में जंगली हाथियों ने एक बार फिर कहर बरपाया है। मंगलवार की रात हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर लगभग आधा दर्जन गरीब परिवारों के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
गनीमत रही कि सभी परिवार घरों में सो रहे थे, लेकिन समय रहते शोरगुल मचने पर जान बचाकर बाहर निकल आए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि थोड़ी सी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हाथियों ने सिर्फ घरों को ही नहीं, बल्कि गांव के आसपास खेतों में लगी गेहूं, चना, मटर और आलू की फसलों को भी रौंद डाला। इससे पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल भी इसी इलाके में हाथियों ने कई गरीबों के घर तोड़ दिए थे, लेकिन उसके बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा लगाए गए झटका तार और अन्य सुरक्षा उपकरण केवल दिखावे के लिए हैं। ये उपकरण काम नहीं कर रहे, जिस कारण हाथियों की टोली बेखौफ होकर गांव तक पहुंच जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि ये उपकरण सही तरीके से काम कर रहे होते तो शायद हाथियों का झुंड केंदू पसेरी और केवटा गांव तक नहीं पहुंच पाता। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से सिमरिया क्षेत्र में जंगली हाथियों की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन वन विभाग उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने में पूरी तरह असफल रहा है।
इस घटना के बाद गांव में भय का माहौल है और लोग रातें जागकर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

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