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    झारखंड में CCL करेगी 40 हजार करोड़ का निवेश, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 05:06 PM (IST)

    सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) हजारीबाग, चतरा और लातेहार जिलों में कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे देश में क ...और पढ़ें

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    सीसीएल 40 हजार करोड़ रुपये का करेगा निवेश। (जागरण)

    संवाद सूत्र, टंडवा (चतरा)। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) हजारीबाग, चतरा और लातेहार जिलों के केरेडारी व टंडवा अंचल में कोयला उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

    यह निवेश देश में कोयले की आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी के तहत किए जाने की संभावना है। कोयला खदानों के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    जानकारी के अनुसार लातेहार के बालूमाथ और चतरा जिले के टंडवा अंचल की सीमा पर स्थित चंद्रगुप्त एवं संघमित्रा कोल परियोजनाओं के विस्तार के लिए लगभग 20 गांवों की अधिग्रहित भूमि पर कार्य की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

    चंद्रगुप्त परियोजना का संचालन सुश्री माइनिंग कंपनी करेगी, जबकि संघमित्रा परियोजना का संचालन बीजीआर कंपनी के जिम्मे होगा। दोनों कंपनियां आगामी 20 से 25 वर्षों तक कोयला उत्पादन करेंगी।

    आम्रपाली कोल परियोजना में भी नागार्जुन कंपनी द्वारा लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से अगले आठ वर्षों तक कोयला एवं ओबी (ओवरबर्डन) उत्पादन के साथ कोयले का डिस्पैच किया जाएगा।

    प्रशासनिक स्तर पर भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही सीसीएल में एक हजार से अधिक लोगों को सीधी नौकरी मिलने की संभावना है, जबकि लगभग पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होगा।

    दोनों नई परियोजनाओं से सालाना 35 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं चंद्रगुप्त परियोजना से भविष्य में 15 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन किया जाएगा।

    वर्तमान में मगध-आम्रपाली परियोजना से करीब 45 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हो रहा है। सीसीएल के अनुसार चारों परियोजनाओं से भविष्य में 100 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

    आम्रपाली-चंद्रगुप्त के नवनियुक्त महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि दो एकड़ भूमि के बदले प्रत्येक भू-दाता को सीसीएल में नौकरी देने के लिए प्रबंधन संकल्पित है।

    चंद्रगुप्त परियोजना का विस्तार टंडवा एवं केरेडारी अंचल के कई गांवों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीजीआर और सुश्री माइनिंग कंपनियां सभी आवश्यक अहर्ताओं को पूरा करने में जुटी हैं। वहीं डालमिया कंपनी भी टंडवा व केरेडारी क्षेत्र में सिसई-वृंदा कोल परियोजना के विस्तार को लेकर सक्रिय है।