विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बोकारो में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, सब्जी विक्रेता के घर से खाली बोतल सहित कई सामग्रियां जब्त

Published: Sat, 27 Sep 2025 10:35 PM (IST)

पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में शराब बनाने की ...और पढ़ें

सब्जी विक्रेता के घर से अवैध शराब निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़। (जागरण)
सब्जी विक्रेता के घर से अवैध शराब निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़। (जागरण)

HighLights

  1. पिंड्राजोरा में अवैध शराब निर्माण सामग्री जब्त |
  2. कमलडीह गांव में पुलिस की छापेमारी |
  3. शराब निर्माण में प्रयुक्त सामान बरामद |

संवाद सहयोगी, पिंड्राजोरा। पिंड्राजोरा क्षेत्र में शुक्रवार की रात पिंड्राजोरा पुलिस दल के संयुक्त छापेमारी में अवैध शराब निर्माण में प्रतिनियुक्त सामान खाली बोतल, रैपर व अन्य सामान जब्त कर पुलिस पिंड्रा जोरा ले गई है।

गुप्त सुचना के आधार पर पुलिस थाना क्षेत्र के कमलडीह गांव के दास टोला स्थित डब्लू साव के घर में अवैध अंग्रेजी शराब का निर्माण कर बाजार में बेचे जाने की सूचना पर पुलिस द्वारा दाबिश दी गई।

पुलिस को सब्जी बिक्रेता डब्लू के घर से भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांड साइज के बोतल, झारखंड सरकार का स्टीकर ढक्कन, सील, मशीन सहित अन्य सामान पाया गया। इस घटना में किसी की गिरफ्तारी होने की सूचना नहीं है।

लेकिन पुलिस और क्षेत्र की जनता इसको बहुत बड़ी कामयाबी बता रही है। पुलिस जिस घर से सामान जब्त किया गया उस घर को पुलिस प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के समक्ष सील कर दिया।

इसी प्रकार बुधवार की रात पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के ही उलगोड़ा गांव से भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांड के अंग्रेजी शराब व शराब निर्माण में होने वाली अन्य सामग्रियां भी उत्पाद विभाग द्वारा जब्त किया गया था। इस कांड में भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

पुलिस द्वारा चार, पांच व्यक्तियों पर केस दायर कर धरपकड़ के लिए छापामारी की जा रही है लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी कि गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। क्षेत्र में अंग्रेजी शराब के अलावे महुआ शराब का अवैध रूप से निर्माण कर धड़ल्ले से ब्रिक्री चल रहा है।

हर बार शांति समिति की बैठक में अवैध शराब निर्माण की चर्चा होती है परंतु पुलिस चुपचाप रहती है। इससे प्रतीत होता है की अवैध शराब की निर्माण और बिक्री में पुलिस की संलिप्ता से इनकार नहीं किया जा सकता है।