ऊधमपुर पुलिस ने गोवंश तस्करों की तोड़ी कमर; वर्ष 2025 में 188 दर्ज किए मामलों में 220 लोगों को किया गिरफ्तार
ऊधमपुर पुलिस ने 2025 में गोवंश तस्करी पर कड़ा प्रहार किया। पुलिस ने 188 तस्करी के प्रयासों को विफल करते हुए 220 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 8 पीएसए ...और पढ़ें

ऊधमपुर पुलिस 122 मामलों में आरोपितों को अदालत से दोषी करार देने में सफल रही।
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। जिन रास्तों से कभी कानून को चकमा देकर मवेशियों की तस्करी की जाती थी, वहीं रास्ते इस साल पुलिस की निगरानी और कार्रवाई के गवाह बने। वर्ष 2025 में उधमपुर पुलिस ने जिस तरह लगातार और बिना रुके कार्रवाई की, उसने इस अवैध कारोबार की रफ्तार को काफी हद तक थाम दिया।
पूरे वर्ष ऊधमपुर पुलिस ने बिना किसी ढील के लगातार अभियान चलाते हुए न सिर्फ तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के तस्करी के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए हर तरह से प्रहार किया।
जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच पुलिस ने जिले भर में गोवंश तस्करी के खिलाफ चलाए अभियान के तहत मवेशी तस्करी के 188 प्रयास विफल किए। 188 दर्ज किए गए मामलों में 220 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में 212 को तस्करी के आरोप में तथा 8 आदतन अपराधियों को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई के यह आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि पुलिस ने इस अपराध को अलग-थलग घटनाओं के रूप में नहीं, बल्कि संगठित अपराध मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
वर्ष भर की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1189 गोवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल हो रहे 144 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें से 28 के वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) को रद्द किया गया, जबकि 20 ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द किया गया।
मजबूत जांच से 122 मामलों में दिलाई सजा
वर्ष 2025 में ऊधमपुर जिला में पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी के चलते वर्ष 2025 के दौरान पुलिस 122 मामलों में आरोपितों को अदालत से दोषी करार देने में सफल रही।
तस्करी की कमाई पर करारा प्रहार
वर्ष भर में जिला में पुलिस के इस अभियान की सबसे प्रभावी कड़ी रही आर्थिक कार्रवाई। 11 मामलों में गोवंश तस्करी से जुड़े करीब 1.50 करोड़ रुपये मूल्य के 11 वाहनों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अटैच किया गया। इस कार्रवाई से पुलिस ने तस्करों को साफ संदेश दिया कि अब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और सजा दिलाने तक नहीं बल्कि इस कारोबार से अर्जित अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति भी सुरक्षित नहीं है।

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