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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ramban Disaster: रामबन में भारी तबाही... रास्ते में फंसे हजारों गाड़ी, युद्धस्तर पर राहत अभियान जारी

Published: Mon, 21 Apr 2025 10:24 PM (IST)

Ramban Disaster जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन राहत कार्य में जुटा ...और पढ़ें

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर चल रहा काम
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर चल रहा काम

HighLights

  1. रास्ते में हजारों वाहन फंसे-सेना मदद को आगे आई
  2. फंसे यात्रियों को खाने के साथ मुहैया करवा रही दवाई
  3. मुख्यमंत्री और जम्मू के मंडलायुक्त ने रामबन का दौरा कर लिया जायजा

जागरण संवाददाता, उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन जिला में बादल फटने (Ramban Cloud Brust) और पहाड़ों से भारी मलबे के साथ आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद प्रशासन की टीमें दूसरे दिन भी राहत व बचाव कार्य में जुटी रहीं।

इस आपदा से रामबन में जम्मू-श्रीनगर हाईवे को जगह-जगह भारी नुकसान के साथ करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। बहुत से वाहन अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। हाईवे बंद होने से हजारों वाहन फंसकर रह गए हैं।

ऐसे में सेना ने कदम आगे बढ़ाते हुए रास्ते में फंसे यात्रियों के लिए खाने के साथ दवा आदि का भी प्रबंध किया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल सोसायटी व सामाजिक संगठन भी राहत अभियान में जुटे हैं।

सीएम अब्दुल्ला ने स्थिति का जायजा

इस बीच, सोमवार को करीब एक घंटे हुई वर्षा ने राहत कार्य तो बाधित किया, साथ ही प्रशासन व स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ा दी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रामबन का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जम्मू से मंडलायुक्त रमेश कुमार ने भी अधिकारियों के साथ दौरा कर जरूरी-दिशा निर्देश दिए।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने करने के साथ केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की। बता दें कि रविवार तड़के बादल फटने से रामबन के सेरी बगना गांव में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

10 किलोमीटर हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित

रामबन जिला में मारोग से बनिहाल के बीच सोमवार को मलबा हटाकर रास्ते में फंसे वाहनों को श्रीनगर की तरफ निकाला गया। नये वाहनों को जम्मू या श्रीनगर से जाने की अनुमति नहीं दी गई है। मारोग से रामबन के बीच 10 किलोमीटर हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

यहां मलबे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिन्हें मशीनों से हटाया जा रहा है। अलबत्ता, विकल्प के तौर पर पुंछ जिले के रास्ते कश्मीर को जोड़ने वाले मुगल रोड से वाहनों की आवाजाही जरूरी जारी रही।

200 से ज्यादा परिवार प्रभावित

रामबन जिला में मलबा आने से सबसे ज्यादा सेरी, केला मोड़, कोउ भाग, बावली बाजार, हायर सेकेडरी स्कूल रामबन, बस स्टैंड और धर्मकुंड क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। इससे 200 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। जिनके घर मलबे में ज्यादा दब गए हैं, उन्हें सामुदायिक केंद्र, पंचायत घरों व स्कूलों में आसरा दिया गया है।

श्रीनगर-लेह हाईवे पर जोजि ला पास के निकट भी भूस्खलन

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर जारी राहत अभियान के बीच श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सोमवार सुबह करीब ग्यारह बजे जोजि ला पास के इंडिया गेट के निकट भूस्खलन हुआ। रास्ता बंद होने के चलते मार्ग खाली था, जिससे कोई जान माल नुकसान नहीं हुआ।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जोजि ला पास के निकट हो रही बर्फबारी व बारिश के चलते मरम्मत के काम में बाधा आती रही, लेकिन कर्मचारी मार्ग को साफ कर इसे यातायात बनाने के काम में जुटे हुए हैं।

स्थिति चिंताजनक है और पीडि़तों को पर्याप्त राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश प्रशासन केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए है। प्रधानमंत्री राहत कोष व अन्य जितने भी राहत कोष हैं, सभी से पीड़ितों के लिए पर्याप्त राहत राशि को सुनिश्चित बनाया जाएगा।

-उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

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