J&K News: आतंक, नशा और मवेशी तस्करी पर वार... रामबन पुलिस ने पेश किया सालभर का लेखा-जोखा
रामबन पुलिस ने 2025 का वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। एसएसपी अरुण गुप्ता ने बताया कि पाकिस्तान से संचालित जेकेनोप नेटवर्क की 1.52 करोड़ की भूमि अटैच ...और पढ़ें
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रामबन पुलिस ने पेश किया सालभर का लेखा-जोखा। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, रामबन। जिला पुलिस रामबन ने वर्ष 2025 में सुरक्षा कड़ी रखते हुए पाकिस्तान से संचालित जम्मू कश्मीर नेशनल आप्रेटिव फ्राम पाकिस्तान(जेकेनोप) नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार किया और कार्रवाई करते हुए इनकी अनुमानित 1.52 करोड़ कीमत की 41 कनाल और 14 मरला भूमि को अटैच किया।
यह जानकारी जिला पुलिस कार्यालय रामबन में आयोजित वार्षिक प्रेसवार्ता में एसएसपी रामबन अरुण गुप्ता ने मीडिया को वर्षभर की उपलब्धियों से अवगत कराते हुए दी।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई उन तत्वों के खिलाफ है जो पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता फैलाने की कोशिश में जुटे थे।
उन्होंने कहा कि जिला पुलिस ने वर्षभर सेना, सीएपीएफ, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस की विभिन्न शाखाओं के साथ समन्वय बनाकर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की, जिसका परिणाम यह रहा कि वर्ष 2025 रामबन जिले में शांतिपूर्ण और घटनारहित रहा।
एसएसपी रामबन ने कहा कि आतंक समर्थक तत्वों और ओजीडब्ल्यूज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। एक पूर्व आंतकी को पीएसए में बंद किया गया, आत्मसमर्पित आतंकियों, उनके सहयोगियों और ओजीडब्यू लगातार निगरानी रखी गई और 84 ओजीडब्ल्यूज पर रोकथामात्मक कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि 32 अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सत्यापन और निष्कासन प्रक्रिया शुरू की गई। होटल नियमों के पालन को सुनिश्चित करते होटल पाइन हेरिटेज, पत्नीटप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और होटल संचालकों को जागरूक किया गया।
कानून व्यवस्था की स्थिति पर जानकारी देते हुए एसएसपी रामबन ने कहा कि जिले में 15 शांति समितियां गठित गई, 462 पुलिस पब्लिक बैठकें और 172 थाना दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास और संवाद मजबूत हुआ।
वर्षभर राष्ट्रीय कार्यक्रमों, स्थानीय धार्मिक यात्राओं, श्री अमरनाथ जी यात्रा–2025 सहित सभी प्रमुख आयोजनों के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजा किए गए। साथ ही एनएच–44, जलविद्युत परियोजनाओं और रेल ढांचे की सुरक्षा का आकलन भी किया गया।
अपराध समीक्षा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि 2025 में कुल 789 मामले दर्ज हुए। जिनमें से 725 मामलों (91.88 प्रतिशत) मामलों का निपटारा किया गया। पूर्व लंबित मामलों सहित कुल 989 मामलों में से 825 मामलों(83.41 प्रतिशत) निपटारा दर्ज किया गया।
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई पर उन्होंने बताया कि 25 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 32 आरोपी गिरफ्तार किए गए, 4 तस्कर पीआईटी–एनडीपीएस के तहत बंद किए गए और नशीले पदार्थों से जुड़ी 13.64 लाख की संपत्ति अटैच की गई।
जिले की 143 पंचायतों और 107 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशा विरोधी मुहिम से जोड़ने का प्रयास किया गया। मवेशी तस्करी पर सख्त कार्रवाई करते हुए 249 मामले दर्ज कर मवेशी तस्करी में लिप्त 234 वाहन जब्त कर 2817 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया।
मवेशी तस्करी के आरोप में 265 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 15 पोस्को एक्ट के मामले दर्ज किए गए, जबकिकई लूटपाट और चौरी के मामले सुलझा कर चोरी की गई संपत्ति बरामद की गई।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा में सुधार के प्रयासों से दुर्घटनाओं में 10 प्रति कमी दर्ज हुई, जबकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पुलिस ने बचाव–कार्य, यातायात सुचारू रखने और फंसे यात्रियों की सहायता सुनिश्चित की। साइबर अपराध के मामलों में 115 मोबाइल फोन वापस दिलाए गए और आनलाइन धोखाधड़ी में पीड़ितों की 35.77 लाख की राशि वापस करवाई गई।
युवाओं की भागीदारी और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 139 नशा जागरूकता कार्यक्रम, 128 आपरेशन पाठशाला सत्र, भारत दर्शन यात्रा में 93 छात्रों की भागीदारी, खेलकूद और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि एसआरओ-43 के तहत 04 परिवारों को राहत उपलब्ध करवाई गई। वर्षभर आयोजित कार्यक्रमों और समन्वित प्रयासों ने पुलिस–जन विश्वास को मजबूत आधार प्रदान किया।

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