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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार बोला 'अल्लाह हू अकबर', आतंकी बरसाने लगे गोलियां; चश्मदीद ऋषि का चौंकाने वाला खुलासा

Published: Tue, 29 Apr 2025 03:17 AM (IST)Updated: Tue, 29 Apr 2025 05:40 AM (IST)

गुजरात के अहमदाबाद के एक पर्यटक ऋषि भट्ट जो आतंकी हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जिपलाइनिंग कर रहे ...और पढ़ें

जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार चिल्लाया अल्लाहु अकबर- चश्मदीद (फोटो- सोशल मीडिया)
जिपलाइन ऑपरेटर ने तीन बार चिल्लाया अल्लाहु अकबर- चश्मदीद (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. गुजरात के पर्यटक ऋषि ने हमले के अगले दिन वीडियो ध्यान से देखा तो हुआ संदेह
  2. एनआइए ने जिपलाइन ऑपरेटर समेत छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
  3. बैसरन में विभिन्न सेवा प्रदात्ता 188 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की सूचना

 राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। पहलगाम के बैसरन में जब आतंकी गोलियां बरसा रहे थे तो एक जिपलाइन आपरेटर पर्यटकों को बचाने के बजाए तीन बार 'अल्लाह हू अकबर' का नारा लगाते हुए उन्हें तार पर लटकी लिफ्ट पर आगे धकेल रहा था। हमले की जांच कर रही एनआइए ने सोमवार को जिपलाइन ऑपरेटर समेत छह लोगों को कथित तौर पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

188 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

इनमें से पांच ने वीडियो शूट किए हैं। इस नरसंहार की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों ने 188 विभिन्न सेवा प्रदात्ताओं व होटल ऑपरेटर को कथित तौर पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

इस बीच, श्रीनगर में पुलिस ने 36 पूर्व और सक्रिय आतंकियों व उनके ओवरग्राउंड वर्करों (मददगारों) के ठिकानों की तलाशी ली है। इनमें एक महिला भी है। हमले की जांच कर रही एनआइए ने इस मामले में चिह्नित किए गए सभी संदिग्धों और नरसंहार के समय मौके पर मौजूद रहे सभी लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

चश्मदीद ऋषि का चौंकाने वाला खुलासा

इस बीच, सोमवार को हिरासत में लिए गए जिपलाइन ऑपरेटर का नाम कथित तौर पर मुजम्मिल अहमद बताया जा रहा है। 22 अप्रैल को जब आतंकियों ने बैसरन में हमला किया तो उस समय वह गुजरात से सपरिवार कश्मीर घूमने आए ऋषि कुमार नामक पर्यटक को जिपलाइन की सैर करा रहा था।

ऋषि कुमार ने जिपलाइन की सैर का वीडियो तैयार किया है और उन्होंने बताया कि हमले के अगले दिन 23 अप्रैल को जब वह वीडियो देख रहे थे तो उस समय उन्होंने ध्यान दिया कि गोलियों की आवाज गूंजने पर लिफ्ट आपरेटर ने कम से कम तीन बार अल्लाह हू अकबर कहा और ऐसे व्यवहार किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो।

गोलियों की आवाज पर उसने हमें नहीं रोका- चश्मदीद

ऋषि ने कहा कि मुझसे पहले मेरी पत्नी और बच्चों को जिपलाइन पर भेजा था, मेरा आठवां नंबर था। गोलियों की आवाज के बावजूद जिपलाइन ऑपरेटर सामान्य रहा और नारा लगाने लगा, जबकि उसने पहले ऐसा नहीं किया। गोलियों की आवाज पर उसने हमें नहीं रोका, इसलिए संदेह होता है और उससे पूछताछ होनी चाहिए।

हमले का वीडियो बनाया, लेकिन सुरक्षा एजेंसी को नहीं दी सूचना

इस बीच, सूत्रों के अनुसार, एनआइए ने सोमवार को छह लोगों को कथित तौर पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें से पांच ने घटना का वीडियो तैयार किया, लेकिन इसके बारे में पुलिस या किसी अन्य सुरक्षा एजेंसी को सूचित नहीं किया। यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने यह वीडियो क्यों अभी तक संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दिया।

इसके अलावा एनआइए ने एक अन्य युवक, जिसने हमले के समय अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ना बेहतर समझा, द्वारा तैयार हमले की वीडियो फुटेज की भी जांच शुरू कर दी है। उससे भी चार घंटे तक लगातार पूछताछ हुई है, लेकिन उसे हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है।

जिपलाइन ऑपरेटर ने अपनी सफाई में कही ये बात

सूत्रों ने बताया कि जिपलाइन ऑपरेटर ने कथित तौर पर कहा है कि उसे लगा था कि गोलियां कहीं दूर चली हैं और उसने अल्लाह हू अकबर का नारा आदतन लगाया था।

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