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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shehnaz Ganai Profile: कौन हैं डॉ शहनाज गनई, चुनाव से पहले एनसी छोड़ बीजेपी का थामा दामन

Published: Mon, 12 Feb 2024 03:02 PM (IST)

Shehnaz Ganai Profile जम्मू कश्मीर की राजनीतिक पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस की पूर्व युवा नेत्री शहनाज गनई आज भाजपा में शामिल ...और पढ़ें

नेंका की पूर्व युवा नेत्री शहनाज गनई आज BJP में हुईं शामिल
नेंका की पूर्व युवा नेत्री शहनाज गनई आज BJP में हुईं शामिल

HighLights

  1. भाजपा में सामिल हुई National Conference की पूर्व नेत्री शहनाज गनई
  2. 2013 में जम्मू कश्मीर विधान परिषद में पंचायत कोटे से एमएलसी का पद संभाला था
  3. पिता भी नेंका में कद्दावर नेता जाने जाते थे

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। Who is DR Shehnaz Ganai: नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) से अलग होने के लगभग साढ़े तीन वर्ष बाद पूर्व एमएलसी शहनाज गनई सोमवार को भाजपा (Shahanaz Ganai Joins BJP today) में शामिल हो गई हैं। जम्मू प्रांत में एलओसी के साथ सटे जिला पुंछ की रहने वाली डॉ शहनाज गनई वर्ष 2013 में जम्मू कश्मीर विधान परिषद में पंचायत कोटे से एमएलसी बनी थी। 

पिता भी नेंका के मंत्री रह चुके

उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस में उभर रही युवा नेताओं की पौध में अग्रणी माना जाता था। उनके पिता गुलाम अहमद गनई अपने समय में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नामी नेताओं में एक थे और वह जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकाल में मंत्री भी रहे हैं। अपनी बेबाक बयानबाजी और महिला सशक्तिकरण की पैरोकार डॉ शहनाज गनई ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व पर एक बार नहीं कई बार राजौरी-पुंछ के विकास के संदर्भ में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों, स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। 

उन्होंने जब नेकां छोड़ी तो उस समय भी कहा था कि जिस पार्टी में नेताओं व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है, वह ज्यादा देर तक नहीं रहती।

इन सीटों पर भाजपा की उम्मीदवार बन सकती हैं शहनाज

डॉ शहनाज गनई को भाजपा अनंतनाग-राजौरी सीट पर या फिर उत्तरी कश्मीर में बारामुला-कुपवाड़ा सीट पर अपना उम्मीदवार बना सकती है।

पहाड़ी समुदाय के आर्थिक विकास को लेकर उठाई थी आवाज

डॉ शहनाज गनई पहाड़ी समुदाय के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए  लगातार आवाज उठाती रही है। वर्ष 2013 में एमएलसी बनने के बाद उन्होंने जम्मू कश्मीर की विधान परिषद में करगिल व लेह की तर्ज पर जिला राजौरी और जिला पुंछ के लिए स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों के गठन का निजी विधेयक लाया था। 

सत्ताधारी दल में रहने के बाद  विधान परिषद में किया वॉकआउट 

वह सत्ताधारी दल से थी, लेकिन जब उनके लिए बिल को कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया था, तो विरोधस्वरूप उन्होंने वॉकआउट किया था। यह सत्ताधारी दल की किसी महिला एमएलसी का जम्मू कश्मीर की विधान परिषद में वॉकआउट करने का पहली घटना भी है।

समाज सेवा के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी

उन्होंने अपने पिता दिवंगत  गुलाम अहमद गनई के नाम पर एक एनजीओ का भी गठन कर रखा है। वर्ष 2005 में जब जम्मू कश्मीर में भूकंप आया था तो उन्होंने पुंछ में भूकंप पीड़ितों के पुनर्वास के लिए यथासंभव प्रयास किया। इस दौरान उन्हें लगा कि वह सरकारी सेवा में रहते हुए ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगी और उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया । वर्ष 2007 में वह नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गई। वर्ष 2008 में उन्हें पुंछ सीट पर नेकां की टिकट का प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें टिकट नहीं दिया गया।

राजनीतिक कार्यकर्ता मीर जुनैद से की शादी

डॉ शहनाज गनई की ससुराल कश्मीर घाटी में एलओसी के साथ सटे जिला कुपवाड़ा के लंगेट में है। उन्होंने वर्ष 2022 में उत्तरी कश्मीर के युवा समाजसेवी और राजनीतिक कार्यकर्ता मीर जुनैद से शादी की। मीर जुनैद ने भी अपना एक राजनीतिक दल जम्मू कश्मीर वर्कर्स पार्टी बना रखा है।


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