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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अखनूर आतंकी हमले के बाद सुंदरबनी में सुरक्षा कड़ी, स्थानीय युवाओं के आतंकवादी संगठनों में शामिल होने से बढ़ी चिंता

Published: Mon, 28 Oct 2024 06:02 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सोमवार सुबह आतंकियों ने भारतीय सेना की एंबुलेंस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों और ...और पढ़ें

अखनूर आतंकी हमले के बाद सुंदरबनी में सुरक्षा कड़ी।
अखनूर आतंकी हमले के बाद सुंदरबनी में सुरक्षा कड़ी।

संवाद सहयोगी, सुंदरबनी। जम्मू के अखनूर में सोमवार सुबह भारतीय सेना की एंबुलेंस पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबल के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद सुंदरबनी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जम्मू पुंछ नेशनल हाईवे पर हर आने-जाने वाली गाड़ियों की सुरक्षा बलों द्वारा चेकिंग की जा रही है।

पुंछ रजौरी से सुंदरबनी में प्रवेश होने वाली सड़कों पर नाकाबंदी की गई है। पुलिस नाकों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले और संदिग्ध को रोकर पूछताछ के बाद ही आगे बढ़ने दिया जा रहा है।

सुरक्षाबल कर रहे गश्त

वहीं ग्रामीण इलाकों में भी ग्रामीण सुरक्षा समितियों वीडीसी सदस्यों एवं जम्मू कश्मीर पुलिस व अन्य सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं। वहीं धनतेरस ओर दीपावली की खरीदारी को लेकर शहर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो रही है। शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कमान संभाली हुई है। भीड़ में कोई अनहोनी ना हो इसके लिए पुलिस भी दिन भर बाजार में ही नजर आ रही है।

एजेंसियों को और सतर्क रहने की आवश्यकता

जम्मू-कश्मीर में बीते एक वर्ष में स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने के मामले सामने आना चिंताजनक है। इस पर सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क रहने की आवश्यकता है।

आठ दिन पूर्व गांदरबल जिले के गगनगीर क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद से ही यह चर्चा हो रही है कि क्या कश्मीर में एक बार फिर से आतंकियों की घुसपैठ बढ़ी है या फिर आतंकियों ने स्थानीय युवाओं को बहला फुसला कर अपने संगठनों में शामिल करवाने के लिए नए तरीके अपनाना शुरू कर दिए हैं।

यह बेहद चौंकाने वाले तथ्य है कि आतंकी संगठन अब आनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से युवाओं की घुसपैठ और भर्ती करवा रहे हैं। वे टेलीग्राम और मास्टोडन जैसी एन्क्रिटेड मैसेजिंग सेवाओं का भी प्रयोग कर रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कोई पुख्ता रणनीति बनानी होगी। बीते दस दिनों में आतंकियों ने कश्मीर के साथ-साथ अब जम्मू में भी हमला किया है।

जम्मू के केरी बट्टल क्षेत्र में आतंकी कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए और सतर्क जवानों ने तीनों आतंकियों को मार गिराया, लेकिन बावजूद इसके जिस प्रकार से आतंकी घटनाओं में तेजी आई है, उस पर रोक लगाने और क्षेत्र में आतंकवाद से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

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