राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर एक बार फिर कश्मीरी युवाओं को बरगलाकर उन्हें आतंकी बनाने की फिराक में हैं। इस साजिश का पर्दाफाश उत्तरी कश्मीर के बारामुला में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को किया है। सुरक्षाबलों ने आतंकी बनने निकले पांच किशोरों को समय रहते बचा लिया है। इन सभी को काउंसलिंग के बाद उनके स्वजन को सौंप दिया गया है। ये सभी बारामुला जिले में पट्टन और उसके साथ सटे इलाकों के रहने वाले हैं। आतंक की राह से इन्हें वापस लौटाने के लिए दो दिन अभियान चलाया गया।

सरहद पार बैठे आतंकी हैंडलरों के संपर्क में थे किशोर 

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को अपने तंत्र से पता चला था कि पांच किशोर आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्करों और सरहद पार बैठे आतंकी हैंडलरों के साथ इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों के जरिये लगातार संपर्क में हैं। यह पांचों किसी भी समय आतंकी बनने के लिए घर से निकलने वाले हैं। इनमें से कुछ एलओसी पार कर गुलाम जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ट्रेनिंग कैंप में जाने का रास्ता खोज रहे हैं। पुलिस ने इन सभी को पकड़ने के लिए सेना की 29 आरआर के जवानों के साथ मिलकर एक अभियान शुरू कर दिया।

इंटरनेट मीडिया के जरिए आतंकी हैंडलरों के संपर्क में थे किशोर 

सुरक्षाबलों ने अपने मुखबिरों की भी मदद ली और तीन को पकड़ लिया गया। तीनों से उनके अभिभावकों की मौजूदगी में पूछताछ की गई। इस पर उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के बारे में भी बताया। उन्हें भी पकड़ा गया। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वह इंटरनेट मीडिया के जरिये आतंकी हैंडलरों के संपर्क में आए थे। उन्होंने आतंकी संगठनों में भर्ती के षड्यंत्र के बारे में कई अहम जानकारियां भी दी हैं।

बारामुला के एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा कारणों से इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। इनमें दो नाबालिग हैं। इन सभी को काउंसलिंग के बाद इनके स्वजन के हवाले किया गया है। इन्हें आतंकी बनने से रोकने में इनके अभिभावकों ने सुरक्षाबलों का पूरा सहयोग किया है। 

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Edited By: Piyush Kumar

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