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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JK News: गांदरबल हमले में शामिल दो आतंकियों की तस्वीरें आईं सामने, हथियारों से लैस सीसीटीवी में हुए कैद

Published: Thu, 24 Oct 2024 02:00 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 24 Oct 2024 06:40 AM (GMT+05:30)

गांदरबल के गगनगीर में आतंकी हमले के गुनाहगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल का तलाशी अभियान बुधवार को तीसरे दिन ...और पढ़ें

गांदरबल हमले में शामिल दो आतंकियों के तस्वीरें सामने आईं
गांदरबल हमले में शामिल दो आतंकियों के तस्वीरें सामने आईं

राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। गांदरबल के गगनगीर में आतंकी हमले के गुनाहगारों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबल का तलाशी अभियान बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। हमले में लिप्त दो आतंकियों की तस्वीरें सामने आई हैं।

यह दोनों तस्वीरें उसी कैंप के एक सीसीटीवी की फुटेज से ली गई बताई जा रही हैं, जहां आतंकियों ने हमला किया था। पुलिस इन तस्वीरों को लेकर पूरी तरह चुप्पी साधे है। इन तस्वीरों में नजर आने वाले दोनों आतंकियों के पाकिस्तानी होने की आशंका है।

एलओसी पर भी चौकसी बढ़ा दी है

इनमें से एक सलवार कमीज पहने है और ऊपर से शाल ओढ़ रखा है। दूसरे आतंकी ने पेंट-टीशर्ट पहन रखी है और उसके कंधे पर एक पिट्ठू बैग है। दोनों के हाथों में स्वचालित हथियार हैं। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने द्रास-कारगिल में एलओसी पर भी चौकसी बढ़ा दी है क्योंकि हमले में लिप्त आतंकियों के द्रास-कारगिल के रास्ते घुसपैठ करने की आशंका भी जताई जा रही है।

20 अक्टूबर की रात को आतंकियों ने श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जेड मोड़ सुरंग परियोजना के शिविर हमला किया था। हमले में सात लोगों की मौत और पांच घायल हुए हैं। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ ने ली है।

पास के जंगलों में भी तलाशी ली जा रही

आतंकी हमले की जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि गगनगीर और उसके आसपास के 15-20 किलोमीटर के दायरे में सभी रिहायशी इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है। पास के जंगलों में भी तलाशी ली जा रही है। जिस तरीके से हमला किया गया है, उससे पता चलता है कि हमला करने वाले कैंप की स्थिति से अच्छी तरह अवगत थे। इसके अलावा कुछ अहम सुराग भी जुटाए गए हैं, जिनके आधार पर आतंकियों को चिह्नित कर जल्द पकड़ लिया जाएगा या मुठभेड़ में मारे जाएंगे।

सूत्रों की मानें तो हमले में लिप्त आतंकियों के गुरेज सेक्टर या फिर कारगिल मे एलओसी के साथ सटे मश्कोह व द्रास सेक्टर के रास्ते घुसपैठ करने की आशंका है। जांच में इस पहलू को भी शामिल किया गया है।

आतंकियों को सजा देने को चप्पा-चप्पा खंगाल रहे जवान

सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि सुरक्षाबल पहले की तरह मुस्तैद हैं और हमले के जिम्मेदार आतंकियों को उनके किए की सजा देने के लिए चप्पा-चप्पा खंगाल रहे हैं। केंद्र व प्रदेश प्रशासन ने भी आतंकवाद को कुचलने के स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। इसमें अब कोई चूक नहीं छोड़ी जाएगी।