यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Terror Attack: '...ये आतंकियों के सामने झुकने जैसा', टेरर अटैक के बीच उमर अब्दुल्ला को क्यों याद आया विधानसभा चुनाव?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने आतंकवादी हमलों के बीच में विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी बात ...और पढ़ें

HighLights
- रियासी, कठुआ में अटैक के बाद उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव टालने पर दी अपनी प्रतिक्रिया
- बोले- विधानसभा चुनाव टालना आतंकियों के सामने झुकने जैसा
- जनरल (सेवानिवृत्त) वी पी मलिक के सुझाव पर दी अपनी प्रतिक्रिया
पीटीआई, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने बुधवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में जम्मू क्षेत्र में 'उग्रवादी ताकतों' द्वारा किए गए हमलों के कारण यदि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव स्थगित कर दिए जाते हैं तो यह शर्म की बात होगी। उन्होंने ये बात पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) वीपी मलिक के सुझाव पर दी।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव (Jammu Kashmir Assembly Election) एक साल के लिए स्थगित करने के पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) वी पी मलिक के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि यह उग्रवादी ताकतों के आगे झुकने के समान होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि हां, कृपया इन चरमपंथी ताकतों के आगे झुकने के समान है, जिससे उन्हें उपलब्धि का अहसास होगा।
ये आश्चर्य की बात जनरल मलिक चुनाव स्थगन को कह रहे- उमर
अगर आतंकवादी संगठन प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग द्वारा 30 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा से पहले चुनाव कराने के वादे को विफल करने में सफल हो जाते हैं, तो कश्मीर में आपको कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जनरल मलिक चुनाव स्थगित करने का मामला बना रहे हैं, क्योंकि उन्होंने 1999 में कारगिल युद्ध के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव देखे थे।
कारगिल के बाद लोकसभा चुनाव हुए- अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने कहा कि इससे भी अधिक आश्चर्य की बात यह है कि यह बात एक ऐसे सैन्य अधिकारी की ओर से आई है, जिसने कारगिल युद्ध के तुरंत बाद और 1999 में उग्रवाद के चरम के दौरान जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव होते हुए देखे थे। यह कितनी शर्म की बात है!
कश्मीर में और खराब हो सकती स्थिति- वी पी मलिक
बता दें कि एक निजी टीवी समाचार चैनल पर दिखाई देने वाले जनरल मलिक ने कहा कि चुनाव एक साल के लिए स्थगित कर दिए जाने चाहिए, क्योंकि अगर आतंकवादियों को जम्मू क्षेत्र में कुछ सफलताएं मिलती हैं, तो कश्मीर में स्थिति और भी खराब हो सकती है।
इस समय जम्मू संभाग में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। रियासी हमले (Reasi Terror Attack) के बाद से कठुआ, डोडा और कोटा टाप में आतंकी हमला हो चुका है। वहीं, अभी भी कई आतंकी बाहर घूम रहे हैं। सुरक्षाबल जिनकी तलाश में हैं।
