'मुझे घर में नजरबंद किया गया है', नमाज-ए-जुमा अदा नहीं कर पाने पर भड़के मीरवाइज उमर फारूक, सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास
जम्मू-कश्मीर के मजहबी नेता मीरवाइज उमर फारूक कथित नजरबंदी के कारण जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं कर पाए। उन्होंने सरकार पर नाराजगी व्यक्त करत ...और पढ़ें

नमाज-ए-जुमा अदा नहीं कर पाने पर भड़के मीरवाइज (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख मजहबी नेता मीरवाइज उमर फारूक, शुक्रवार को कथित नजरबंदी के कारण जामिया मस्जिद में नमाज-ए-जुमा अदा नहीं कर पाए। इसे लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
हालांकि, मीरवाइज को घर में नजरबंद किए जाने या उन पर लगाई गई पाबंदियों पर जिला प्रशासन श्रीनगर ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।
किसी से समझौता नहीं किया: मीरवाइज
मीरवाइज ने दावा किया कि प्रशासन ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया है। उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि वह जम्मू-कश्मीर की जनता के प्रति जवाबदेय हैं। उन्होंने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हमेशा बातचीत का ही समर्थन किया और कभी भी किसी से समझौता नहीं किया।
मीरवाइज ने कहा, ''जब मेरे पिता की हत्या हुई थी तो मैं एक नाबालिग था और बहुत छोटी आयु में धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारियां संभालनी पड़ी।''
पहलगाम हमले का किया जिक्र
मीरवाइज ने वर्ष 2025 के पहलगाम हमले, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और देश के कुछ हिस्सों में कश्मीरियों पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने कश्मीर और नई दिल्ली में भरोसे की कमी को दूर करने के बजाय और बढ़ा दिया।
उन्होंने अवामी एक्शन कमेटी और इत्तेहादुल मुस्लिमीन समेत विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक गतिविधियों के लिए अपनी बात कहने के अवसर समाप्त हो रहे हैं।
'एक्स' प्रोफाइल से हटाया हुर्रियत चेयरमैन शब्द
बता दें, मीरवाइज अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले अपने आधिकारिक एक्स प्रोफाइल से हुर्रियत चेयरमैन शब्द को हटा दिया था। इसे लेकर कुछ देशविरोधी लोगों ने उनकी तीखी आलोचना की और उन्हें भारतीय एजेंट, कश्मीरियों का गद्दार और दिल्ली के आगे झुकने वाला तक बताया।

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