एमजीनरेगा योजना में गड़बड़ी, नकली एनएमएमएस फोटो अपलोड करने पर पांच ग्राम रोजगार सहायकों का मानदेय रोका
जम्मू-कश्मीर सरकार ने मनरेगा योजना में नकली एनएमएमएस फोटो अपलोड करने पर पांच ग्राम रोजगार सहायकों का मानदेय और संबंधित पंचायत सचिवों का वेतन तत्काल प् ...और पढ़ें

भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। प्रदेश सरकार ने एमजीनरेगा योजना के तहत नेशनल मोबाइल मानिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप का गलत इस्तेमाल करने और नकली एनएमएसएस फोटो अपलोड करने पर पांच ग्राम रोजगार सहायकों का मानदेय और संबधित पंचायत सचिवों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने और संबधित सेवा नियमों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी कया है। इसके साथ ही एनएमएमएस में आवश्यक सुधार के लिए भी संबधित विभाग को कहा है ताकि इसमें पायी गई त्रुटियों का कोई अनुचित लाभ न उठा सके।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग निदेशालय कश्मीर ने बडगाम, कुपवाड़ा, बारामुला और गांदरबल के एडीसी को इस संदर्भ में एक निर्देश भेजा है। इसमें कहा गया है कि प्रशासनिक विभाग के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है,क्योंकि जम्मू-कश्मीर की पांच पंचायतों ने नकली एनएमएमएस फोटो अपलोड की हैं। इन तस्वीरो के आधार पर संबधित कर्मियों की उपस्थिति दर्ज होती है।
भविष्य में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
जारी आदेश के मुताबिक, कश्मीर प्रांत में चिह्नित किए गए पांच ग्राम रोजगार सहायकों का नवंबर 2025 का मानदेय जारी नहीं किया जाएगा और इसके साथ ही संबधित पंचायत सचिवों का वेतन भी तत्काल प्रभाव से रोका जाए। इसके साथ ही पंचायत सचिवों के खिलाफ संबधित सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए,क्योंकि उन्होंने गलत उपस्थिति के आधार पर फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ ) का अनुमोदन कर उसे आगे बढ़ाया।
उपरोक्त आदेश में संबधित ब्लाक विकास अधिकारियों और अन्य संबधित अधिकािरयों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी कोताहियों पर उनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी सहायक विकास आयुक्तों एसीडी और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों एडीपीसी को सभी स्तरों पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने और एमजी नरेगा के तहत उपस्थिति को पूरी पारदर्शिता व जिम्मेदारी और एनएमएमएस के निर्धारित मानकों के मुताबिक ही तस्वीरों का अपलोड सुनिश्चित बनाने का निर्देश्ा दिया गया है।
निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर ) भी प्रशासनिक विभाग को जमा कराने के लिएमांगी है।

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