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    दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा: ड्यूल फोन व घोस्ट सिम..., पाक हैंडलरों से डॉक्टर नबी समेत आतंकी ऐसे करते थे बात

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 05:44 PM (IST)

    दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले पर आतंकी हमले की साजिश रचने वाले आतंकी डॉक्टर उमर नबी और व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिम ...और पढ़ें

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    दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा, आतंकी डॉक्टर नबी का फाइल फोटो।


    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को आत्मघाति आतंकी हमले से पूरे देश को दहलाने वाले आतंकी डॉक्टर उमर नबी समेत व्हाइट कॉलर टेरर मॉडयूल के सदस्य ने इंटरनेट मीडिया पर अपने किसी भी निशान को मिटाने के लिए सिम क्लोनिंग व घोस्ट सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर आधारित एक जटिल और परिष्कृत वेब इस्तेमाल किया था।

    व्हाइट टेरर मॉडयूल के अधिकांश सदस्य दो से तीन फोन या फिर दो से तीन सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहे थे।

    मामले की जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि व्हाइट कॉलर टेरर मॉडयूल के अभी तक पकड़े गए सदस्यों और उनसे जुड़े संदिग्ध तत्वों से बरामद फोन व सिमकार्ड के डेटा आकलन के आधार पर यह सनसनीखेज जानकारी सामने आयी है। उन्होंने बताया कि व्हाइट कॉलर टेरर मॉडयूल में शामिल डॉक्टरों व कुछ अन्य सदस्य अपने सगे-संबधियों, परिचितों के साथ संपर्क व आम उपयोग के लिए एक फोन व एक सिमकार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे।

    घोस्ट सिमकार्ड के वेब का इस्तेमाल

    उनका यह फोन और सिमकार्ड किसी भी संदिग्ध गतिविधि से परे पाया गया है, यह पूरी तरह से क्लीन फोन हैं। यह उनके अपने ही नाम पर पंजीकृत है। अलबत्ता, वह सीमा पार बैठे अपने हैंडलरों के साथ संपर्क के लिए दूसरा फोन जिसके बारे में उनके करीबियों को भी पता नहीं था, इस्तेमाल कर रहे थे।

    वह सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए डुअल-फोन प्रोटोकॉल के तहत घोस्ट सिमकार्ड के एक वेब का इस्तेमाल कर रहे थे। आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिमकार्ड किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थे और जिन नामों पर वह जारी हुए हैं, उनसे संबंधित जानकारियां, आधार कार्ड भी गलत पाए गए हैं।