कश्मीर विद्यालय शिक्षा निदेशक ने की घोषणा, सरकारी संस्थानों की तरह निजी संस्थान भी शिक्षा क्षेत्र का अभिन्न अंग
कश्मीर घाटी के विद्यालय शिक्षा निदेशक नसीर अहमद वानी ने कहा कि निजी विद्यालय जम्मू-कश्मीर के शिक्षा क्षेत्र का अभिन्न अंग हैं, जिनका उद्देश्य सरकारी स ...और पढ़ें

डीएसईके नसीर अहमद वानी ने इस बात पर जोर दिया कि परिणामों में सुधार के लिए सभी के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। कश्मीर घाटी के विद्यालय शिक्षा निदेशक (डीएसईके), नसीर अहमद वानी ने कहा कि निजी विद्यालय जम्मू और कश्मीर के शिक्षा क्षेत्र का अभिन्न अंग हैं और सरकारी संस्थानों के समान ही उनका मूल उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।
जम्मू और कश्मीर विद्यालय शिक्षा संस्थान (जेकेएससीईआरटी) में एक कार्यशाला के समापन के बाद वानी ने कहा कि एकमात्र अंतर यह है कि निजी विद्यालय सरकार के नियामक निरीक्षण के तहत कार्य करते हैं। हालंकि सरकारी और निजी दोनों विद्यालयों का उद्देश्य एक ही है।
जुलाई 2025 में जारी राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) रिपोर्ट में उजागर किए गए खराब शिक्षण परिणामों की पृष्ठभूमि में आयोजित इस कार्यशाला में छात्र प्रदर्शन में सुधार के लिए हितधारकों की भागीदारी की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।इसका आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), श्रीनगर द्वारा जम्मू एवं कश्मीर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), कश्मीर के सहयोग से किया गया था।
कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के बाद के चरण में अधिगम परिणामों में सुधार के लिए हस्तक्षेप रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था। वानी ने इस बात पर जोर दिया कि परिणामों में सुधार के लिए सभी के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।

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