फर्जी भर्ती, फेक नौकरी... और 10 साल तक खजाने की खुली लूट, कश्मीर में 108 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, क्या है मामला?
कश्मीर के बांदीपोरा में बिजली विभाग में एक दशक से अधिक समय तक चले फर्जी भर्ती घोटाले में 108 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इसमें कार्यकार ...और पढ़ें

जागरण टीम, श्रीनगर। फर्जी भर्ती, फर्जी नौकरी और करोड़ों के वारे-न्यारे। कश्मीर के बांदीपोरा जिले में बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता से लेकर अर्दली तक सरकारी खजाने की एक दशक से अधिक समय तक चली इस लूट में शामिल थे और जम्मू-कश्मीर बैंक के अधिकारी व कर्मचारी भी सरकार के खजाने को लूट वारे-न्यारे कर रहे थे।
साल 2005 में शुरू हुई नौकरियों के नाम पर यह लूट 2018 तक चलती रही। उसके श्रीनगर की अपराध शाखा ने यह मामला दर्ज किया। अब वर्षों की जांच पड़ताल के बाद 15 कार्यकारी अभियंता समेत 108 पर आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
बांदीपोरा जिले के सुंबल में एक अधिकारी मुख्य आरोपित बांदीपोरा निवासी मुश्ताक अहमद मलिक ने यह साजिश रची। उसने अन्य अधिकारियों को शामिल किया। वह कागजों में ही अस्थायी कर्मचारी की नियुक्ति दिखाते।
उनके नाम पर बैंक खाते खुल जाते और वेतन भी आना शुरू हो जाता। विभाग के डीडीओ वेतन लाने में सहयोग कर रहे थे और बैंक कर्मचारी खाते चलाए जा रहे थे। न पद की घोषणा और न ही चयन प्रक्रिया...सब हवा-हवाई। इन्हीं खातों के पैसे अन्य बैंक खाते में जाते और एफडी भी बना ली। हालांकि मामला सामने के बाद मलिक ने काफी पैसा सरकारी खजाने में जमा भी करवा दिया। सात वर्ष पहले श्रीनगर की अपराध शाखा की आर्थिक अपराध विंग ने इसका पर्दाफाश किया। तब से जांच चल रही थी। विभागीय अनुमति के बाद अब शुक्रवार को बारामुला की अदालत में चार्जशीट दायर की गई।
यह हैं आरोपित
आरोपपत्र में सुंबल इलेक्ट्रिक डिवीजन के 15 कार्यकारी अभियंता, छह असिस्टेंट अकाउंट्स आफिसर, एक अकाउंट्स सहयोगी, छह हेड असिस्टेंट, चार सीनियर असिस्टेंट व मुख्य आरोपित मुश्ताक मलिक शामिल है। जम्मू-कश्मीर बैंक शाखा के 25 अधिकारियों और कर्मियों के अलावा 46 फर्जी कर्मियों के भी नाम हैं।

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