जम्मू-कश्मीर में जनजातीय छात्रों की शिक्षा के लिए बड़ी पहल, अब इलेक्ट्रानिक वितरण से तेजी से मिलेगी छात्रवृत्ति
जम्मू-कश्मीर में जनजातीय छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का इलेक्ट्रॉनिक वितरण शुरू हो गया है। तकनीकी समस्याओं के कारण हुई देरी के बाद, राष्ट ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर सरकार जनजातीय शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जनजातीय छात्रों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति (एसटी-I और एसटी-II) के पात्र छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का इलेक्ट्रानिक वितरण शुरू कर दिया है। इस पहल से हजारों लाभार्थी छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
इससे पहले छात्रवृत्ति जारी करने में एसएनए प्रणाली से एसएनए-स्पर्श प्लेटफार्म में स्थानांतरण के दौरान उत्पन्न तकनीकी समस्याओं के कारण अनिवार्य देरी हुई थी। ये दिक्कतें मुख्य रूप से विभिन्न एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्मों के बीच डेटा माइग्रेशन और पोर्टिंग से जुड़ी थीं। हालांकि, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आवश्यक धनराशि समय पर जारी कर दी गई थी, लेकिन सिस्टम स्तर की तकनीकी बाधाओं के चलते छात्रों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया।
इस लंबी देरी को लेकर छात्र संगठनों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगातार चिंता जताई थी और जनजातीय छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए शीघ्र समाधान की मांग की थी।लगातार प्रयासों और समन्वित हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने इन तकनीकी समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया है।
छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएनए से एसएनए-स्पर्श में संक्रमण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। यह डिजिटल सार्वजनिक वित्त सुधारों और ई-गवर्नेंस पहलों के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
तकनीकी अड़चनें दूर होने के बाद अब छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इसके तहत 16.65 करोड़ की राशि आनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले पात्र एसटी-I और एसटी-II छात्रों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए जारी की जा रही है।
जनजातीय कार्य मंत्री स्वयं कर रहे इस पूरे मामले की निगरानी
जनजातीय कार्य मंत्री जावेद अहमद राणा स्वयं इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे थे और लंबे समय से लंबित इस मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इलेक्ट्रानिक भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जनजातीय कार्य विभाग ने यह भी आश्वस्त किया है कि सभी पात्र लाभार्थियों को उनकी छात्रवृत्ति शीघ्र प्रदान की जाएगी, और सरकार जनजातीय समुदायों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।