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    JK Elections: आतंक और अलगाववाद की राह तय करेगा बारामूला, क्या हैं यहां के सियासी समीकरण? किन नेताओं के बीच है मुकाबला

    Updated: Tue, 17 Sep 2024 07:00 PM (IST)

    Jammu Kashmir Election 2024 जम्मू-कश्मीर में पहले चरण का विधानसभा चुनाव 18 सितंबर को होगा। चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां कर ली हैं। वहीं एक अक्टूबर को यानी तीसरे चरण में बारामूला सीट पर भी चुनाव होने हैं। अलगाववाद और आतंकवाद का गढ़ कहे जाने वाले बारामूला में 6 विधानसभा सीटें हैं। इनमें एक सोपोर से अफजल गुरु का भाई एजाज खान भी चुनावी मैदान में है

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    बारामूला की सात सीटों पर एक अक्टूबर को होगा मतदान

    जेएनएन, श्रीनगर। Jammu Kashmir Assembly Elections: उत्तरी कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों का गढ़ रहे बारामूला जिले (Baramulla Assembly Seat) में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का सियासी रण सज चुका है। जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं, जिन पर 111 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। मतदान एक अक्टूबर को होना है।

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    इनमें तीन सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है। बची चार सीटों पर मुकाबला दो प्रत्याशियों में सिमटता दिख रही है। इस जिले में कई पूर्व मंत्रियों का सियासी भविष्य दांव पर लगा है।

    सोपोर और पट्टन में महिला मतदाता ज्यादा

    बारामूला जिले में 3,64,517 पुरुष, 3,58,394 महिला और 12 ट्रांसजेंडर के मतदाता शामिल हैं। सोपोर और पट्टन विधानसभा क्षेत्रों में पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिलाएं अधिक हैं। पूरे जिले में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या में सिर्फ 6123 मतदाताओं की कमी है। उड़ी व सोपोर में एक भी ट्रांसजेंडर मतदाता नहीं है।

    ये हैं विधानसभा सीटें

    बारामूला जिले में एलओसी से सटा उड़ी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र समेत विश्व प्रसिद्ध स्की रिसार्ट गुलमर्ग के नाम पर गुलमर्ग-टंगमर्ग विधानसभा सीट भी है। सेबों की टोकरी और छोटा लंदन कहलाने वाले सोपोर से अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी और संसद हमले के दोषी अफजल गुरू का संबंध भी इसी जिले से है। अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में बारामूला, वागूरा-करीरी, रफियाबाद और पट्टन हैं।

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    • बारामूला: बहुकोणीय मुकाबला इस सीट के निचले इलाकों के अगर शहरी मतदाताओं में जमात और नेकां का प्रभाव है तो कंडी में पहाड़ी वोटर का समर्थन चुनाव में जीत के लिए जरूरी है। यहां नेकां के समर्थन पर कांग्रेस के इकबाल मीर मैदान में हैं। उनके सामने पूर्व उपमुख्यमंत्री मुज्जफर हुसैन बेग और पूर्व मंत्री शोएब लोन बतौर निर्दलीय हैं। पीडीपी और पीपुल्स कान्फ्रेंस का भी जनाधार इस क्षेत्र में हैं जो मुकाबला बहुकोणीय बना रहा है।
    • उड़ी: नेकां को निर्दलीय ताज की चुनौती उड़ी में सामान्यत: कांग्रेस और नेकां के बीच ही मुकाबला होता है, लेकिन इस बार कांग्रेस से सीट समझौते के चलते यहां नेकां ने सज्जाद सफी उतारा है। उन्हें निर्दलीय लड़ रहे पूर्व कांग्रेसी एवं पूर्व मंत्री ताज मोहिद्दीन से टक्कर मिल रही है। इस सीट पर पीडीपी के शेख मुनीब भी उतरे हैं। इस सीट पर गुज्जर-बक्करवाल और पहाड़ी समुदाय का वोट किसी भी प्रत्याशी की चुनावी तकदीर बदल सकता है।
    • रफियाबाद और वागूरा-करीरी: वागूरा-करीरी में पीडीपी के पूर्व मंत्री बशारत अहमद बुखारी और कांग्रेस के इरफान हफीज लोन में मुकाबला है। रफियाबाद विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में नेकां के जावेद डार और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के यावर दिलावर मीर के बीच ही मुख्य मुकाबला है।
    • सोपोर: नेकां-कांग्रेस के मैत्री मुकाबले में पीडीपी और पीसी का तड़का सोपोर में अभी 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से कांग्रेस के अब्दुल रशीद डार और नेकां के इरशाद रसूल कार के बीच मैत्रीपूर्ण मुकाबला हो रहा है। इस मुकाबले के बीच पीडीपी के इरफान अली लोन, पीपुल्स कान्फ्रेंस (पीसी) के डॉ. मंजूर अहमद भट और संसद हमले में फांसी की सजा पाने वाले आतंकी अफजल गुरू का भाई एजाज गुरू भी चुनाव मैदान में है। इस सीट पर प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी का पूरा प्रभाव है।
    • गुलमर्ग-टंगमर्ग: दांव पर दिग्गज गुलमर्ग-टंगमर्ग सीट पर 14 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर, नेकां के पीरजादा फारूक अहमद शाह और पीडीपी के ओवैस अहमद बट के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हैं। इस सीट पर निर्दलीय नजीर खान भी उतरे हैं, जो इनमें से किसी भी प्रत्याशी का सियासी गणित गड़बड़ा सकते हैं।
    • पट्टन: शिया वोटरों के हाथ में चाबी इस सीट पर अगर शिया वोट हार-जीत को तय करते हैं। इस सीट पर नेकां के रियाज बेदार और पीपुल्स कान्फ्रेंस के मौलाना इमरान रजा अंसारी के बीच ही मुख्य लड़ाई है। पट्टन में फिलहाल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं।

    ये दिग्गज हैं चुनाव मैदान में

    पीडीपी और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के संस्थापकों में शामिल रहे पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर, पीडीपी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पीडीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बशारत बुखारी, पूर्व मंत्री ताज मोहिद्दीन और पूर्व मंत्री शोएब लोन के अलावा शिया समुदाय के धार्मिक नेता व पूर्व मंत्री मौलाना इमरान रजा अंसारी ने बारामुला जिले में अलग-अलग सीटों पर अपना भाग्य आजमाने के लिए नामांकन पत्र जमा कराए हैं।

    किस सीट पर कितने मतदाता

    • बारामूला विस क्षेत्र में सबसे अधिक 1,26,321 मतदाता हैं। 63,338 पुरुष, 62,978 महिलाएं। 158 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
    • रफियाबाद सीट पर 57,760 पुरुष व 55,250 महिलाओं समेत कुल 1,13,011 मतदाता हैं। 149 मतदान केंद्र बने हैं।
    • सोपोर क्षेत्र में 1,12,793 मतदाताओं में 55,990 पुरुष और 56,803 महिलाएं हैं। एक भी ट्रांसजेंडर नहीं है। 129 मतदान केंद्र हैं।
    • उड़ी में 53,872 पुरुष और 50,941 महिला मतदाताओं समेत 1,04,813 मतदाता पंजीकृत हैं। 147 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
    • पट्टन क्षेत्र में 1,03,161 मतदाता हैं, जिनमें 51,251 पुरुष और 51,908 महिलाएं हैं। 119 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

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