जम्मू-कश्मीर में 2026 विकास का वर्ष , कई प्रमुख प्रोजेक्ट बदलेंगे तस्वीर, यहां देखें इस साल की सभी परियोजनाएं
वर्ष 2025 में चुनौतियों के बावजूद, जम्मू-कश्मीर 2026 में समग्र विकास की ओर अग्रसर है। ज़ोजिला सुरंग, एनएच-444 अपग्रेड, पीर की गली और साधना सुरंगें जैस ...और पढ़ें

रजिया नूर, श्रीनगर। वर्ष 2025 में भले ही मौलिक सुविधाओं के अभाव के दृष्टिकोण से जममू कश्मीर विशेषकर घाटी के लोगों के लिए कुछ ज्यादा संतुष्टिजनक नही रहा और पहलगाम आतंकी घटना के चलते यहां अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहलाने वाले पर्यटन उद्योग समेत तमाम औद्योगिक क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हो जाने के चलते यहां की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई हो।
अलबत्ता वर्ष 2026 प्रदेश के लिए समपूर्ण विकास का दौर होगा। इस वर्ष प्रदेश में ज़ोजिला जैसी सुरंगों (जिसका मकसद हर मौसम में कनेक्टिविटी देना है) और महत्वपूर्ण सड़क अपग्रेड (एनएच-444, पीएमजीएसवाई -4 के तहत नई सुरंगें/फ्लाईओवर) पर केंद्रित है, साथ ही शहरी सुधार के लिए स्मार्ट सिटी मिशन और गतिशील रेल परियोजनाओं के साथ साथ फिल्म, फूड प्रोसेसिंग और बागवानी को बढ़ावा देना है।
मुख्य और बड़ी विकास परियोजनाओं में साल भर लद्दाख तक पहुंच के लिए ज़ोजिला सुरंग का पूरा होना, एनएच-444 का ब्राज़लू ब्रिज, और घाटी और रणनीतिक क्षेत्रों को बेहतर ढंग से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न सुरंगें और फ्लाईओवर शामिल हैं। वहीं अवंंतीपोरा में निर्माणाधीन एम्स अस्पताल का निर्माण कार्य को पूरा करना भी घाटी के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाने वाली एक प्रमुख परियोजना है।
वर्ष 2026 में पूरी होने वाली मुख्य आधारभूत संरचनाएं व संयोजक्ता परियोजनाएं।
ज़ोजिला सुरंग- इस परियोजना का निर्माण कार्य इस वर्ष पूरा होने वाला है। इस परियोजना से घाटी और लद्दाख के बीच हर मौसम में संयोजक्ता प्रदान करेगी। परियोजना प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है। बता दे कि सुरंग के न होने के चलते सर्दियों के दौरान लद्दाख का संपर्क घाटी से छह महीनों तक कटा रहता है।।
नेशनल हाईवे अपग्रेड (एनएच-444): ब्राज़लू ब्रिज का निर्माण कार्य इस मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। इस पुल के निर्माण से दक्षिणी कश्मीर के कई जिले विशेषकर कुलगाम की श्रीनगर व एनएच-44 कनेक्टिविटी में सुधार हो जाएगा।
पीर की गली टनल
पीर की गली टनल ऐतिहासिक मुगल रोड के ज़रिए पुंछ और शोपियां के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी देगी। सुरंग न होने के चलते यह रास्ता सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण लंबे समय तक बंद रहता है जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिकक्तों का सामना करना पड़ता है।
यह टनल इन मौसमी दिक्कतों को खत्म कर देगी, जिससे लोगों, सप्लाई और इमरजेंसी सेवाओं का बिना रुकावट आना-जाना पक्का होगा। यह खड़ी और जोखिम भरी पहाड़ी जगहों को बाइपास करके यात्रा को और भी सुरक्षित बना देगा। टनल के लिए टेंडरिंग इसी वर्ष की जाएगी।
साधना टनल
साधना टनल खतरनाक साधना दर्रे की जगह लेगी, जो अक्सर कड़ाके की सर्दियों में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यह टनल दूर के बॉर्डर वाले गाँवों सहित करनाह इलाके को स्थिर और सुरक्षित कनेक्टिविटी देगी। यह लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों पर निर्भर हुए बिना अस्पतालों, स्कूलों, बाज़ारों और एडमिनिस्ट्रेटिव सेवाओं तक पहुँचने में मदद करेगी, जिससे पूरे इलाके में समावेश और मोबिलिटी मज़बूत होगी।
त्रेहगाम-छमकोट रोड
उतत्री कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में त्रेहगाम-छमकोट रोड प्रोजेक्ट उत्तरी कश्मीर के कई अंदरूनी गावों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है। इससे ट्रैवल एफिशिएंसी में सुधार होगा, लॉजिस्टिक चुनौतियां कम होंगी और उन इलाकों में सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट में मदद मिलेगी, जहां पहुंचना लंबे समय से मुश्किल रहा है।
श्रीनगर रिंग रोड
श्रीनगर रिंग रोड घाटी के प्रमुख विकास परियोजनाओं में से एक है, जिससे इस वर्ष यानी 2026 तक शहर और उसके आस-पास आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का मकसद भारी ट्रैफिक, खासकर ट्रकों और एक जिले से दूसरे जिले की गाड़ियों को श्रीनगर की भीड़भाड़ वाली अंदरूनी सड़कों से हटाना है। इससे शहर के अंदर रोज़ाना की भीड़ कम होगी और लोगों के लिए लोकल सफर तेज हो जाएगा।
रिंग रोड को श्रीनगर के आस-पास कई फेज़ में बनाया जा रहा है। इसके कई हिस्से पहले ही पूरे हो चुके हैं, जबकि बाकी हिस्सों पर काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद, यह सड़क जम्मू, बारामूला, गांदरबल और पुलवामा जाने वाले नेशनल हाईवे के बीच आसान संपर्क देगी।
रेल संयोजक्ता परियोजनाएं।
उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक ( यूएसबीआरएल)
प्रोजेक्ट के चल रहे विस्तार का मकसद घाटी को बाकी देश से एक भरोसेमंद रेल नेटवर्क के ज़रिए जोड़ना है। यह रेल लाइन, बड़े पुलों, टनल और एडवांस्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी से सपोर्टेड, तेज, सुरक्षित और मौसम से अलग ट्रैवल देगी। इससे सामान की मूवमेंट और बेहतर होगी, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम होगी और टूरिज्म और कॉमर्स में नए मौके बनेंगे।
स्वास्थ्य परियोजनाएं।
एम्स अवंतीपोरा
दक्षिणी कश्मीर के अवंतीपोरा इलाके में निर्माणाधीन एम्स अस्पताल का निर्माण कार्य इसी वर्ष पूरा होेने की उम्मीद है। 1,000 बसितरों वाले इस अस्पताल का 70 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा किया गया है जबकि संबंधित अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष के अंत तक अस्पताल जनता को सौंप दिया जाएगा। एम्स का निर्माण घाटी के स्वास्थय क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है और इस सुविधा से घाटी के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा श्रीनगर स्मार्ट सिटी मिशन के रूप में प्रौद्योगिकी और आधारभूतसंरचना के नवीनीकरण के माध्यम से शहरी जीवन को बेहतर बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। 700 करोड़ लागत वाले लालचौक-पारिंपरा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी इसी वर्ष शुरू होने की उम्मीद है।
इस सुविधा से न केवल शहर विशेषकर लालचौ,कमरवारी,बेमिना तथा अन्य दर्जनों इलाकों में रोजाना रहने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को छुटकारा मिलेगा बलकि इस फ्लेओवर का लाभ उत्तरी तथा मध्य कश्मीर के लोगों को भी मिलेगा और वह कम समय में अपने अपने गणतव्यों तक पहुंचेगे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।