यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'पूर्व रॉ प्रमुख के खुलासे में कुछ नया नहीं', महबूबा मुफ्ती बोलीं- अनुच्छेद 370 को हटाने में फारूक अब्दुल्ला की भूमिका
पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने का आरोप लगाया जिससे मुसलमानों की ...और पढ़ें

HighLights
- वक्फ बिल पर नेकां का समर्थन
- भाजपा से मिलीभगत का आरोप
- अनुच्छेद 370 पर नेकां का समर्थन
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सत्ताधारी पार्टी ने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि देश के तमाम मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया है। अध्यक्षा ने कहा कि इस विधेयक के विरोध में पीडीपी तब तक अपनी आवाजें बुलंद करेगी जब तक न इस विधेयक को केंद्र खारिज करेगा। महबूबा मुफ्ती ने अपने संबोधन में यह बात कही।
उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी जुबान से तो भाजपा के खिलाफ जहर उगलती है, लेकिन भीतर ही भीतर यह भाजपा के साथ मिली हुई है और इसका एक उदाहरण हाल ही में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा संसद में पारित किए गए वक्फ संशोधन विधेयक पर नेकां द्वारा चुप्पी साधना है।
महबूबा ने कहा कि यदि नेकां को जम्मू-कश्मीर व देश के मुसलमानों की भावनाओं का अहसास व कद्र होती तो वह इस विधेयक के विरोध में जरूर उठ खड़ी होती और विधानसभा में इस पर न केवल चर्चा करती, बल्कि एक प्रस्ताव भी पारित करती। लेकिन नेकां ने इस मुद्दे पर बात करना भी उचित नहीं समझा।
2014 से ही बीजेपी के संपर्क में एनसी
महबूबा ने हाल ही में रॉ के पूर्व चीफ एएस दुलत द्वारा अपनी पुस्तक में अनुच्छेद 370 के मु्द्दे पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दुलत के इस खुलासे पर पीडीपी को कोई हैरत नहीं है क्योंकि उन्हें पता है कि भाजपा डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अपने घर का सदस्य मानती है।
महबूबा ने कहा कि नेकां लाख इनकार करें कि अनुच्छेद 370 हटाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। लेकिन यह राज तो अब पूरी तरह से खुल चुका है कि अनुच्छेद हटाने में नेकां ने भाजपा को अपना पूरा समर्थन व सहयोग दिया और यह पार्टी वर्ष 2014 से ही इस मुद्दे को लेकर भाजपा के संपर्क में थी।
महबूबा मुफ्ती ने अफजल गुरु का किया जिक्र
वक्फ संशोधन विधेयक पर सर्वोच्च न्यायालय पर फैसला देने के हवाले से अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए और मुस्लिम समुदाय के हित्तों को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर फैसला देगी।
महबूबा ने कहा कि संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु के खिलाफ न्यायालय के पास उचित सबूत नहीं थे, लेकिन देश की जनता की भावनाओं को देखते हुए न्यायालय ने अफजल को फांसी के तख्ते पर लटका दिया।
वक्फ की जमीनों का गलत इस्तेमाल के बारे में कोई पर्याप्त सबूत नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर भी सर्वोच्च अदालत को मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का आदर करना चाहिए।
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