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    श्रीनगर: धोखाधड़ी मामले में आर्थिक अपराध शाखा की बड़ी कार्रवाई, दो लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 05:11 PM (IST)

    श्रीनगर में आर्थिक अपराध शाखा ने कृषि विभाग में फर्जी नियुक्ति आदेश मामले में दो आरोपियों, शौकत अहमद हजाम और इरशाद अहमद अहंगर, के खिलाफ आरोपपत्र दायर ...और पढ़ें

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    धोखाधड़ी मामले में आर्थिक अपराध शाखा की बड़ी कार्रवाई । फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, श्रीनगर। वित्तीय धोखाधड़ी और घोटालों पर नकेल कसने के अपने अथक प्रयासों को जारी रखते हुए, अपराध शाखा कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा ने धोखाधड़ी, जाली सरकारी नियुक्ति आदेश मामले में दो लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

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    आरोपियों की महिला उम्मीदवार को कृषि विभाग में सरकारी नौकरी के लिए जाली नियुक्ति आदेश देकर धोखा देने के आरोप में दो आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार धारा 420-511, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 43-2021 के संबंध में आरोपियों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम चडूरा, बडगाम की अदालत में दायर की गई है।

    उन्होंने आरोपियों की पहचान शौकत अहमद हजाम पुत्र मोहम्मद अकबर हजाम निवासी वागूरा, तहसील चडूरा, जिला बडगाम और इरशाद अहमद अहंगर पुत्र गुलाम मोहम्मद अहंगर निवासी रत्नीपोरा, जिला पुलवामा के रूप में की है।

    संबधित विंग के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि यह मामला उप निदेशक, कृषि से प्राप्त एक संचार से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक महिला ने एक फर्जी और अमान्य नियुक्ति आदेश के आधार पर निदेशालय में शामिल होने का प्रयास किया।

    बताया गया कि 30.11.2019 को एक महिला कथित आधिकारिक संचार की एक फोटोकापी लेकर कार्यालय आई, जिसका नंबर एग्री-ईएसएसटीटी-एनजी -2018-19-8451-53 और तारीख 22.11.2019 थी।

    जांच के दौरान, संचार फर्जी और मनगढ़ंत पाया गया, जिसे निदेशालय द्वारा जारी नहीं किया गया था। आगे की जांच में पता चला कि उसमें उद्धृत नियुक्ति आदेश, यानी; आर्डर नंबर 385- ईएसटीटी. 2019 का, तारीख 26.04.2019 और आर्डर नंबर 16- ईएसटीटी. 2019 का, तारीख 29.01.2019, भी जाली थे।

    जांच के दौरान साबित हुआ कि आरोपी इरशाद अहमद अहंगर ने ऊपर बताए गए नकली और जाली कम्युनिकेशन सह-आरोपी शौकत अहमद हजाम से हासिल किए थे। उस जाली आर्डर में तीन लोगों को कृषि विभाग, कश्मीर डिवीजन में आर्डरली के तौर पर सिलेक्ट-अपाइंटेड दिखाया गया था।

    इस नकली आर्डर के आधार पर पुलवामा की एक महिला को धोखा दिया गया और उसे यह विश्वास दिलाया गया कि उसे कानूनी तौर पर अपॉइंट किया गया है, जिसके बाद उसने 30.11.2019 को श्रीनगर में कृषि विभाग में जाइन करने की कोशिश की।

    जांच में पता चला कि आरोपियों ने सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों को धोखा देने के इरादे से जाली अपाइंटमेंट आर्डर बनाने और इस्तेमाल करने की आपराधिक साजिश रची थी। जांच पूरी होने के बाद, न्यायिक फैसले के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट दायर की गई है।