आर्मी चीफ ने सियाचिन ग्लेशियर का किया दौरा, सुरक्षा व्यवस्था का किया निरीक्षण; शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
Army chief Manoj Pandey visits Siachen Glacier सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को सियाचिन ग्लेशियर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजाम का निरिक्षण किया। साथ ही उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। सेना प्रमुख ने जवानों से उनसे उसी उत्साह और प्रेरणा के साथ काम करना जारी रखने का आह्वान किया।
श्रीनगर, पीटीआई। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने गुरुवार को सियाचिन ग्लेशियर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजाम का निरिक्षण किया। साथ ही उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। सीओएएस ने सैनिकों के साथ बातचीत की और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनकी दृढ़ता के लिए उनकी सराहना की।
जवानों से क्या बोले सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने जवानों से उनसे उसी उत्साह और प्रेरणा के साथ काम करना जारी रखने का आह्वान किया। जनरल मनोज पांडे सियाचिन ग्लेशियर की जमी हुई सीमाओं का दौरा किया और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
'कोई नहीं भूलेगा कारगिल के शहादतों के बलिदान को'
सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कारगिल में बीते दिन जाबांजो को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के सामने खतरे और चुनौतियां भविष्य में और अधिक जटिल होने की संभावना है। ऐसे में भारत को उनका सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। वहीं, उन्होंने सपूतों की शहादत को याद करते हुए कहा कि देश 1999 के कारगिल युद्ध में सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
'दुश्मनों के कब्जे से कारगिल को छुड़ाया'
ऑपरेशन विजय एक कठिन और ताकतवर सैन्य अभियान था। उन्होंने कहा कि यह एक कठिन इलाका था जो दुश्मन के कब्जे में था। यह एक चुनौती थी जिसे हमारे सैनिकों ने पूरा किया। इस दौरान उन्होंने वायु सेना के जवानों की भी तारिफ की। उन्होंने कहा युद्ध में अंतिम उद्देश्य को प्राप्त करने में उनके योगदान के लिए वायु योद्धाओं की भी सराहना करना चाहता हूं।
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