विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कालाकोट में जर्जर हालात में पशु चिकित्सालय, डर के साये में काम कर रहे कर्मचारी, उच्च अधिकारी नहीं ले रहे सुध

By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
Published: Wed, 13 Sep 2023 09:09 PM (IST)

एक कर्मचारी ने बताया कि तीन दशक पुरानी यह इमारत अब बेहद खस्ताहाल हो चुकी है इमारत का प्लास्टर पूरी ...और पढ़ें

डर के साये में काम करने को मजबूर हैं पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी ( सांकेतिक तस्वीर)
डर के साये में काम करने को मजबूर हैं पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारी ( सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. इमारत की मरम्मत के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है, लेकिन इस ओर कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा
  2. डर के साये में कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं
  3. इमारत में बैठकर कामकाज करने में डर सा लगा रहता है कि किसी समय इमारत धराशाई ना हो जाए

कालाकोट, जागरण संवाददाता: राजौरी के कालाकोट में पशु चिकित्सालय की इमारत काफी लंबे समय से जर्जर हालात में है जो हादसे को न्योता दे रही है। यहां काम करने वाले लोग डर के साये में काम करने को मजबूर हैं। पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक कर्मचारियों के अनुसार, इमारत की मरम्मत और इसमें सुधार लाने को कई बार उच्चाधिकारियों को भी लिखा जा चुका है, लेकिन इस ओर कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा। इमारत की दशा सुधारने का कोई भी प्रयास नहीं हो रहा।

उन्होंने बताया कि तीन दशक पुरानी यह इमारत अब बेहद खस्ताहाल हो चुकी है, इमारत का प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है और खिड़की दरवाजे भी बदहाल स्थिति में है दूसरा इमारत की छत से भी बारिश बरसात के दिनों पानी टपकता रहता है और इस स्थिति में इमारत में बैठकर कामकाज चलाना हमारे लिए काफी मुश्किल हो जाता है।

यह भी पढ़ें- इंटरनेट की धीमी गति विद्यार्थियों के बीच बन रही रोड़ा, नहीं जुटा पा रहे जानकारी

कामकाज करने में डर सा लगा रहता है

वहीं पशु चिकित्सा विभाग कालाकोट के वेटरनरी सीनियर फार्मासिस्ट मोहम्मद शब्बीर ने बताया कि पशु चिकित्सालय की जर्जर खस्ताहाल इमारत जिस अवस्था में है उसे देख इमारत पूरी तरह असुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इमारत में दाखिल होने और इसमें बैठकर कामकाज करने में डर सा लगा रहता है कि किस समय इमारत धराशाई ना हो जाए।

इमारत कभी भी हादसे का कारण बन सकती है

वहीं, उन्होंने बताया कि लोग भी बड़ी संख्या में मवेशियों के उपचार और मवेशियों की दवा के लिए आते हैं लेकिन उनमें भी इस इमारत में दाखिल होने पर डर सा रहता है। उन्होंने कहा कि हमारी राज्य तथा जिला प्रशासन से यही मांग है कि जल्द इस इमारत की दशा को सुधारा जाए अन्यथा यह इमारत कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।

यह भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर में सक्रिय आंतकियों पर एक्शन की तैयारी, डीजीपी बोले संपत्तियां की जा रहीं जब्त