राजौरी में LoC के पास और केरी गांव में गूंजी सामुदायिक रेडियो संगम की धुन, दूरदराज में रह रहे लोगों को मिलेगा फायदा
राजौरी शहर और नियंत्रण रेखा से सटे केरी गांव में सामुदायिक रेडियो स्टेशन 'रेडियो संगम 88.8 एफएम' का उद्घाटन हुआ। यह पहल ग्रामीण संचार को सशक्त बनाने, ...और पढ़ें

राजौरी शहर और नियंत्रण रेखा से सटे केरी गांव में सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना हुई (सोशल मीडिया फोटो)
जागरण संवाददाता, राजौरी। राजौरी शहर और नियंत्रण रेखा के साथ सटे केरी गांव में सामुदायिक रेडियो की धुन गूंजनी शुरू हो गई है। अब इससे ग्रामीण स्तर पर संचार को सशक्त बनाया जाएगा।
इसके साथ ही जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय आवाजों को मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सामुदायिक रेडियो स्टेशन रेडियो संगम 88.8 एफएम हर पल हर दिल का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। यह पहल जमीनी स्तर पर सूचना के प्रभावी प्रसार और सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रहे जिला उपायुक्त अभिषेक शर्मा को स्टेशन मैनेजर द्वारा रेडियो संगम की तकनीकी संरचना, प्रसारण व्यवस्था, ट्रांसमिशन रेंज और संचालन क्षमताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने कहा कि सामुदायिक रेडियो ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सूचना, संवाद और जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रेडियो संगम न केवल सूचना प्रसारण का मंच होगा, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जनभावनाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इसे जनता द्वारा, जनता के लिए और जनता का रेडियो बताते हुए कहा कि यह पहल समावेशी विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम है। डीसी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी रेडियो की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है,
विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां इंटरनेट और अन्य संचार माध्यम सीमित हैं। रेडियो संगम स्थानीय लोगों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं, नीतियों एवं कार्यक्रमों की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में सेतु का कार्य करेगा।
इस अवसर पर एक उद्घाटन पाडकास्ट भी रिकार्ड किया गया, जिसमें जिला उपायुक्त ने केरी सेक्टर और आसपास के क्षेत्रों में रेडियो संगम की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह स्टेशन स्थानीय समस्याओं को उजागर करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। रेडियो संगम लोगों की आकांक्षाओं, दैनिक जीवन, संस्कृति और परंपराओं को प्रतिबिंबित करने वाला एक जन-केंद्रित माध्यम बनेगा

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