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    Jammu: मौलवी ने 13 साल के मासूम पर निकाली अपनी खुन्नस, मार-मार कर किया पूरा बदन लाल

    By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
    Updated: Sat, 09 Sep 2023 04:00 AM (IST)

    Jammu News नगर के डन्नीधार क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय किशोर अपनी धार्मिक पढ़ाई करने के लिए दरहाल के मदरसे में पढ़ रहा है। वहां पर मौलवी ने किशोर को बेरहमी से पीटा। उसने किसी तरह अपने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद परिवार के सदस्य अपने बच्चे को घर लाए और इसकी शिकायत बाल कल्याण समिति से की।

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    मदरसे में पढ़ रहे 13 साल के किशोर को मौलवी बेरहमी से पीटा।

    राजौरी,जागरण संवाददाता। नगर के डन्नीधार क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय किशोर अपनी धार्मिक पढ़ाई करने के लिए दरहाल के मदरसे में पढ़ रहा है। वहां पर मौलवी ने किशोर को बेरहमी से पीटा। उसने किसी तरह अपने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद परिवार के सदस्य अपने बच्चे को घर लाए और इसकी शिकायत बाल कल्याण समिति से की। उसके बाद बाल कल्याण समिति ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही इस मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई भी शुरू करेगी।

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    जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्यों ने अपने 13 वर्ष के बच्चे को धार्मिक शिक्षा के लिए राजौरी से लगभग 30 किलोमीटर दूर दरहाल के मदरसे में भेजा था और बच्चा वहीं पर रहकर अपनी धार्मिक पढ़ाई कर रहा था। वीरवार को बच्चे ने अपने घर पर फोन किया कि मुझे उस्ताद (मौलवी) ने बहुत मारा है और मैं घर वापस आ रहा हूं। परिवार के सदस्यों ने कहा कि अकेले मत आना। हम लेने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद किशोर की मां दरहाल पहुंची और वहां से अपने बच्चे को लेकर घर लौट आई। 

    शुक्रवार को परिवार के सदस्यों ने बाल कल्याण समिति के समक्ष किशोर को पेश किया और मौलवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, बाल कल्याण समिति ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए किशोर का मेडिकल करवाने के बाद उसे सुरक्षित परिवार के सदस्यों के हवाले करने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में बात करने पर बाल कल्याण समिति राजौरी की अध्यक्ष प्रीति संथाल ने कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    दूसरे पक्ष से बात करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस को इस संबंध में कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिखा जाएगा। हमारा पहला प्रयास था बच्चे को सुरक्षित हाथों में सौंपना। हमने मेडिकल के बाद बच्चे को उसके परिवार के सदस्यों के हवाले कर दिया है।