यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाल कल्याण समिति को सौंपे गए चार बच्चे
जिले में चलाया जा रहा है बचपन बचाओ अभियान

जागरण संवाददाता, रोहतक : डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने आम जनता से आह्वान किया है कि अगर उन्हें कोई भी बच्चा असहजता की स्थिति में दिखाई दे तो तुरंत 1098 पर इसकी सूचना दें या पुलिस को सूचित करें ताकि जिला रोहतक को बाल श्रम मुक्त किया जा सके।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में जिला में बचपन बचाओ अभियान के तहत बाल श्रम को रोकने के लिए अभियान चलाया गया, इसमें बस स्टैंड के आस पास के दुकानदारों को समझाया गया कि वे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम न करवाएं। कुलदीप सिंह ने बताया कि टीम द्वारा दुकानदारों को यह भी बताया गया कि यदि उन्होंने 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से दुकानों पर काम करवाया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान चार बच्चों को गलियों से पकड़कर बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। समिति ने बच्चों व उनके माता पिता की काउंसलिग की और भविष्य में बच्चों से काम न करवाने बारे उनके अभिभावकों को समझाया गया।
बाल कल्याण समिति ने बच्चों का मेडिकल परीक्षण करवाया व बच्चों को उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अस्थायी तौर पर जिला की बाल देख रेख संस्था में भेज दिया। सभी जांच परीक्षण व औपचारिकताओं के उपरांत बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा। बच्चों के अभिभावकों ने आश्वासन दिलाया कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दोबारा से कहीं भी काम के लिए नहीं भेजेंगे।
