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    World Rabies Day: दिल्ली के बाद जम्मू में भी कुत्तों का आतंक, 12 हजार लोगों को बनाया शिकार; कई की हो गई मौत

    By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
    Updated: Thu, 28 Sep 2023 05:30 AM (IST)

    आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में पहले आठ महीनों में अस्पतालों में कुत्तों के काटने के 7068 मामले आए थे लेकिन इस वर्ष अभी तक 12551 मामले आ चुके हैं। यह आंकड़े जम्मू नगर निगम अन्य जिलों की नगर निकायों के उन दावों की भी झूठलाते हैं जो कहते हैं कि लावारिस पशुओं को नियंत्रण में करने के लिए उन्होंने अभियान चलाया हुआ है।

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    लगातार बढ़ रहे हैं कुत्तों के काटने के मामले, जम्मू में हर महीने एक हजार से अधिक मामले

    रोहित जंडियाल, जम्मू : जम्मू कश्मीर में लावारिस कुत्तों के आतंक से लोग खौफ में हैं। चौक-चौराहे हो या गलियां लावारिस कुत्ते झुड़ों में राहगीरों व दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। यही कारण है कि कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस वर्ष जम्मू संभाग में अभी तक साढ़े 12 हजार लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इनमें तीन लोगों की रैबीज के कारण मौत भी हो चुकी है। सबसे अधिक जम्मू जिला प्रभावित है जहां हर महीने एक हजार से अधिक मामले आते हैं।

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    स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में पहले आठ महीनों में अस्पतालों में कुत्तों के काटने के 7068 मामले आए थे, लेकिन इस वर्ष अभी तक 12551 मामले आ चुके हैं। यह आंकड़े जम्मू नगर निगम, अन्य जिलों की नगर निकायों के उन दावों की भी झूठलाते हैं जो कहते हैं कि लावारिस पशुओं को नियंत्रण में करने के लिए उन्होंने अभियान चलाया हुआ है।

    कुत्ते के काटने के मामले इस समय आते हैं

    अब तक 40 हजार से अधिक कुत्तों की बध्याकरण कर दी गई है। हकीकत यह है कि सुबह और देर शाम को जब सड़कों पर कुत्तों का कहर होता है तो किसी भी संबंधित विभाग का कोई कर्मचारी नजर नहीं आता। वे सुबह 10 बजे से लेकर शात को चार बजे तक की ड्यूटी देकर घरों में होते हैं। अस्पतालों का रिकॉर्ड कहता है कि 80 प्रतिशत कुत्तों के काटने के मामले सुबह व शाम के समय आते हैं।

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    रैबीज के कारण जिन तीन लोगों की मौत

    आंकड़ों के अनुसार जम्मू जिले के शहरी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। पुराने शहर के अतिरिक्त छन्नी हिम्मत, गांधीनगर जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक मामले आते है। रियासी जिला सबसे अधिक शांत है जहां अभी न के बराबर ही मामल आ रहे हैं। हालांकि इस वर्ष रैबीज के कारण जिन तीन लोगों की मौत हुई, उनमें एक-एक रियासी, ऊधमपुर और एक रामबन। डाक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज न करवाने के कारण ही इनकी मौत हुई है।

    झाड़-फूंक न करवाएं

    जीएमसी जम्मू में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के एचओडी डा. राजीव कुमार का कहना है कि जानवरों के काटने के झाड़-फूंक न करवाएं और तुरंत अस्पताल में जाकर एंटी रैबीज वैक्सीन लगावाएं। समय पर इलाज करवाने से ठीक हो सकते हैं। जीएमसी में जानवरों के काटने के जितने मामले आते हैं, उनमें अधिकांश कुत्तों के काटने के ही होते हैं।

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    एपीडेमालोजिस्ट डा. हरजीत राय का कहना है कि पहले कुत्तों के काटने के सभी मामले रिकार्ड में दर्ज नहीं होते थे, लेकिन अब जिला स्तर पर सह व्यवस्था है और कहीं पर भी कोई मामला हो , वह सामने आ जाता है। अगर किसी को कुत्ता काटता है और वह 24 घंटे के भीतर वैक्सीन और सीरम न ले तो उसमें रैबीज की आशंका हो जाती है। रैबीज उन्हीं को होता है जो अपना इलाज नहीं करवाते। अगर रैबीज हो जाए तो मरीज के बचने की संभावना न बराबर रहती है। जानवर के काटने के 10 दिन से लेकर छह महीने तक सबसे अधिक खतरा रहता है।

    कुत्ता काटे तो क्या करें

    डॉक्टरों के अनुसार अगर कुत्ता काटता है तो जख्म को उसी समय बहते हुए पानी में साबुन से दस मिनट तक साफ करें। इससे 80 प्रतिशत संक्रमण दूर हो जाएगा। 24 घंटों के भीतर अस्पताल में जाएं और डाक्टर की सलाह के अनुसार सीरम या वैक्सीन लें। जख्म वाली जगह पर मिर्च या फिर काजल न लगाएं। इससे संक्रमण का खतरा रहता है।

    इस वर्ष जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में अभी तक आए कुत्तों के काटने के मामले

    जिला       जनवरी    फरवरी    मार्च    अप्रैल    मई    जून     जुलाई    अगस्त

    जम्मू         1008      1151    1246   1179  1175 1079   1145     993

    डोडा         15         10          28      19       18     08      20        26

    कठुआ       23         17         38       37       102   128   158      206

    किश्तवाड़   00         44        43        57       54     38     00        00

    पुंछ           10          06        17        50       30     49     37        32

    राजौरी       11           58       75        53       150   140   131     124

    रामबन       22          15       42         43       66     43    62        75

    रियासी       02          02       03         06        02     01    04       04

    सांबा          41         32        29         35        65     66    57       97

    ऊधमपुर     72         62       103       92        106     84  120    163

    कुल मामले-1204   1395    1624     1571    1768  1636 1734  1619