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    जम्मू में अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को वापस भेजने की मांग तेज, शिवसेना ने शुरू किया अभियान

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:36 PM (IST)

    जम्मू में अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को वापस भेजने की मांग तेज हो गई है। शिवसेना जम्मू-कश्मीर ने "मैं भारतीय, मेरा भारत महान" अभियान शुरू किया, ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, जम्मू। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच अब जम्मू में गैर कानूनी तरीके से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को वापस भेजने के लिए आवाज उठने लगी है। इसके लिए नागरिक समाज आगे आ रहा है। शुक्रवार को "मैं भारतीय, मेरा भारत महान" अभियान शुरू करते हुए जम्मू शहर में 100 से ज्यादा रेहड़ी व फड़ी वालों के आधार कार्ड जांचे गए। भारतीय नागरिक पाए जाने पर उन्हें मैं भारतीय, मेरा भारत महान के स्टीकर दिए गए।

    यह अभियान शिवसेना जम्मू-कश्मीर ने शुरू किया है। शिवसेना नेताओं ने दावा किया कि जम्मू में 15 से 20 हजार बांग्लादेशी औैर रोहिंग्या नागरिक अवैध तरीके से रह रहे हैं, जो विभिन्न आपराधिक घटनाओं में लिप्त रहते हैं।

    रोहिंग्या नागरिक प्रदेश के लिए खतरा

    जब तक ऐसे नागरिकों को वापस नहीं भेजा जाता, उनका अभियान जारी रहेगा। शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील क्षेत्र है। यहां पर गैर कानूनी तौर पर रहने वाले बांग्लादेशी, रोहिंग्या नागरिक प्रदेश के लिए खतरा है।

    सरकार को चाहिए कि इन लोगों को जम्मू-कश्मीर से चलता करे। इन घुसपैठियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने शहर के इंदिरा चौक, बस अड्डा,

    डोगरा चौक में लगी 100 के करीब रेहड़ी फड़ी वालों के आधार कार्ड या दूसरे पहचान पत्र जांचे। ये ठीक ही पाए गए। पांच रेहड़ी वाले हमें देखकर पहले ही वहां से भाग गए। हमने उनकी रेहड़ी, फड़ी की फोटो भी खींच ली है और उनका ब्योरा जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का मिल रहा समर्थन

    हम इन लोगों की जानकारी पुलिस से भी साझा करेंगे। साहनी ने कहा कि हमें स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है और वे हमें दूसरी बस्तियों में आकर रेहड़ी, फड़ी वालों के पहचान पत्र जांचने के लिए कह रहे हैं। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह स्वयं अभियान न चलाकर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।