क्या बंद होगा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का मेडिकल कॉलेज? अचानक निरीक्षण करने पहुंची एनएमसी की टीम
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की टीम ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस का निरीक्षण किया और कई कमियां पाईं। कॉलेज की मान्यता अब ...और पढ़ें

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के इस अचानक निरीक्षण से कॉलेज के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीटयूट आफ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस सीटों के आवंटन को लेकर चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम ने शुक्रवार को कालेज का निरीक्षण किया।टीम ने इस दौरान मेडिकल कालेज में कई कमियां भी गिनाई।
अब टीम की रिपोर्ट पर ही कॉलेज की मान्यता निर्भर करती है। इस दौरान श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने भी अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।उन्होंने एक ही समुदाय के बच्चों को सीटें आवंटित करने की जांच करवाने का अनुरोध किया।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को कालेज के निरीक्षण के लिए पहुंची। उन्होंने कॉलेज में फैकल्टी की नियुक्ति से लेकर अन्य सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया। टीम के निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही कॉलेज चलाने की स्थायी अनुमति दी जाती है।
टीम ने निरीक्षण में पाई कई कमियां
टीम को कॉलेज प्रबंधन ने सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। टीम ने कालेज के अतिरिक्त नारायणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई कमियां पाईं। टीम ने प्रशासनिक ब्लाक, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, वार्ड, आपरेशन थियेटर सहित सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया।
डा. अमलेंदु यादव के नेतृत्व वाली टीम में डा. वंदना मेहता, शैलेश कुमार और फोरेंसिक साइंस के एक सीनियर प्रोफेसर शामिल थे। कहा जा रहा है कि टीम ने मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए ढांचागत सुविधाओं में कई कमियां पाईं। इससे अब इस कॉलेज के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग गए हैं।
श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के सदस्य पहले से ही कॉलेज को बंद करने की मांग करते आ रहे हैं। अब टीम की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा कि कॉलेज आगे चलेगा या नहीं। वहीं अचानक हुए इस निरीक्षण से कालेज प्रबंधन भी सकते मेें है।
संघर्ष समिति ने टीम को सौंपा ज्ञापन
वहीं टीम के साथ मिलने के लिए श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति भी पहुंची। हालांकि उनकी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम के साथ कोई बैठक तो नहीं हुई लेकिन उन्होंने टीम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि यह कॉलेज हिंदुओं की आस्था के साथ जुड़ा हुआ है लेकिन इसमें मुस्लिम समुदाय के ही अधिकांश बच्चों को प्रवेश दिया गया है।
टीम को उन कारणों का पता लगाया जाना चाहिए जिसे इस कॉलेज में पचास में से 45 सीटों पर मुस्लिम समुदाय के बच्चों को एडमिशन मिली है। समिति के संयोजक कर्नल सुखबीर सिंह मनकोटिया ने इसकी पुष्टि भी की है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।