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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, रियासी व डोडा सहित कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी

Published: Thu, 21 Nov 2024 08:01 AM (IST)

Jammu Kashmir News एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रियासी डोडा ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ मामले में NIA ने की छापेमारी
जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ मामले में NIA ने की छापेमारी

HighLights

  1. आतंकी घुसपैठ के विरुद्ध कई इलाकों में एनआइए की छापेमारी जारी है
  2. रियासी-डोडा व किश्तवाड़ में आठ जगहों पर चल रही एनआइए की जांच
  3. करीब एक सप्ताह पहले भी एनआइए ने एक संदिग्ध के मकान की तलाशी ली थी

एएनआई, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आंतक से जुड़ी गतिविधियों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा कसा है। एनआइए आतंकवादी घुसपैठ से जुड़े मामले में रियासी, डोडा, उधमपुर, रामबन और किश्तवाड़ में कई स्थानों पर छापेमारी की।

सुरक्षा एजेंसी की इस कार्रवाई से आतंकी संगठनों को बड़ा झटका लगा है। ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर में जब से सरकार बनी है तब से आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी 8 ठिकानों पर की।

संबंधित अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई इन जिलों में बीते एक वर्ष के दौरान आतंकी गतिविधियों में आई तेजी और और इन इलाकों में पाकिस्तान से आए विदेशी आतंकियों की मौजूदगी व उनके नेटवर्क से जुड़े मामले में हुई है अभी तक किसी को इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए जाने की कोई सूचना नहीं है।

एनआइए की दो टीमें बसंतगढ़ इलाके में तलाशी अभियान के लिए पहुंची। एनआईए ने यह कार्रवाई देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों की चल रही जांच के तहत की।

एनआईए टीम ने बसंतगढ़ तहसील के लोदरा में संदिग्ध ओजीडब्लू मोहम्मद रफीक पुत्र अब्दुल मजीद निवासी लोदरा बसंतगढ़ के घर छापेमारी की। बताया जा रहा तलाशी के दौरान मोहम्मद रफीक घर पर नहीं था।

वहीं दूसरी टीम ने कदवा जाकर पेशे से शिक्षक मोहम्मद तारिक पुत्र सैफ दीन निवासी रायचक, तहसील बसंतगढ़ के घर छापेमारी कर तलाशी ली। जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या दस्तावेज नहीं मिले। ऊधमपुर, अमित

एक सप्ताह पहले भी हुई थी छापेमारी

इससे पहले करीब एक सप्ताह पहले एनआइए ने टेरर फंडिंग के संदेह में जम्मू के बाहरी इलाके बजालहता में एक व्यक्ति (साहिल अहमद) के मकान में तलाशी ली। जांच के दौरान एनआइए को उस व्यक्ति के खाते से संदिग्ध रूप से जमा 15 लाख रुपए मिले। यह राशि अहमदाबाद की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हुमायूं खान नामक एक भगौड़े अपराधी द्वारा 15 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।

आतंकी ने खाते में जमा कराए थे रुपए

एनआइए की जांच में सामने आया कि साहिल अहमद का सगा चाचा गुलजार अहमद मलिक पुत्र अब्दुल मजीद मलिक वर्ष 1992 में हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी बन गया था। वह बीते कुछ वर्षों से पाकिस्तान के सियालकोट में रह रहा है। एनआइइए की टीम ने साहिल व उसके कुछ स्वजनों से भी पूछताछ की थी।

सरकार बनने के बाद लगातार हो रहे आतंकी हमले

जम्मू-कश्मीर में जब से सरकार बनी है तभी से आतंकी अधिक सक्रिय हो गए हैं। 18 अक्टूबर को शोपियां में आतंकियों ने एक मजदूर की हत्या कर दी थी। इसके बाद 20 अक्टूबर को गांदरबल में निर्माण कंपनी के शिविर पर आतंकी हमला किया गया था। हमले में डॉक्टर समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।

वहीं, पांच लोग घायल हो गए थे। इसके बाद 24 अक्टूबर को पुलवामा में आतंकी हमले में एक मजदूर घायल हो गया था। वहीं, 24 अक्टूबर को गुलमर्ग के पास आतंकी हमले में तीन जवान बलिदान हो गए थे, जबकि दो पोर्टर की भी मौत हो गई थी।

इसके बाद 28 अक्टूबर को जम्मू के अखनूर में आतंकियों ने गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हो गए थे, जिनसे भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए।

वहीं, 1 नवंबर को बड़गाम में आतंकियों ने उत्तर प्रदेश के दो श्रमिकों को गोली मार घायल कर दिया था। वहीं, बांदीपोरा में सैन्य शिविर पर हमला किया गया। इसके बाद 2 नवंबर को श्रीनगर शहर में मुठभेड़ और अनंतनाग में मुठभेड़ हो गई थी।