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    'मिशन युवा' बनी जम्मू कश्मीर में युवाओं के लिए रोजगार की नई उम्मीद, छोटे उद्योग लगाकर सशक्त होंगे युवा

    By Satnam Singh Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 05:17 PM (IST)

    मिशन युवा जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का प्रमुख मंच बन गया है। अब तक 42,334 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,190 परियोजनाओं क ...और पढ़ें

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    एक ऐतिहासिक पहल के तहत जम्मू-कश्मीर में मिशन युवा सर्वे लांच किया गया है।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में युवाओं को मिशन युवा के जरिए रोजगार देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के रंग लाने की उम्मीद है। स्वरोजगार के जरिए युवाओं को रोजगार देने के लिए मिशन युवा एक अहम कदम साबित हो रहा है।

    यह योजना केंद्र शासित प्रदेश में युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सबसे पारदर्शी और सुलभ प्लेटफॉर्म बनकर उभर रही  है। मिशन युवा के तहत अब तक 42334 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 36951 नैनो उद्यम, 1557 नए एमएसएमई, और 210 मौजूदा एमएसएमई से संबंधित आवेदन शामिल हैं।

    युवा पोर्टल पर 91 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिनमें से 20304 आवेदनों का सत्यापन सिंगल बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट वहीं 15438 आवेदनों को जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों ने मंजूरी दी है। बैंकिंग स्तर पर 15771 आवेदन, जिनकी परियोजना लागत 1071.43 करोड़ रुपये है, जमा किए गए हैं। इनमें से 4190 परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है और 2087 परियोजनाओं के लिए राशि जारी की जा चुकी है, जो युवा-नेतृत्व वाले उद्यमों में तेज़ी दर्शाता है।

    परियोजना लागत 6.3 लाख रुपये

    योजना के तहत औसत परियोजना लागत 6.3 लाख रुपये बताई गई है। बैंकों ने अब तक 264.47 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है, 133.46 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है, जबकि 23.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी का दावा किया जा चुका है। रोजगार विभाग के निदेशक शहजाद आलम का कहना है कि मिशन की डिजिटल पहुंच भी तेज़ी से बढ़ी है।

    युवा मोबाइल ऐप को 50000 से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और पोर्टल पर 9 लाख से ज्यादा विजिटर आ चुके हैं। इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत मिशन युवा सर्वे लांच किया गया है।

    17000 से अधिक सर्वेयरों को प्रशिक्षित किया गया

    वहीं इस महत्वाकांक्षी सर्वे के जरिए पूरे साल 2026 में जम्मू-कश्मीर में 1.37 लाख संभावित उद्यमियों की पहचान की जाएगी, जिससे प्रदेश में उद्यमिता की मजबूत संस्कृति विकसित हो सके। यह सर्वे श्रम एवं रोजगार विभाग तथा योजना विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। सर्वेक्षण के तहत हर घर तक पहुंचकर डाटा एकत्र किया जाएगा, मौजूदा उद्यमों से फीडबैक लिया जाएगा और नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान की जाएगी।

    सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1.37 लाख नए उद्यम स्थापित कर लगभग 4.25 लाख रोजगार के अवसर सृजित करना है। इस व्यापक सर्वे के लिए 17000 से अधिक सर्वेयरों को प्रशिक्षित किया गया है, जिन्हें रियल-टाइम सहायता के लिए कंट्रोल रूम का सहयोग मिलेगा।

    युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है उद्देश्य

    सर्वे की निगरानी जिला उपायुक्तों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी, ताकि इसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। मिशन युवा सर्वे विशेष रूप से 18 से 49 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए जम्मू-कश्मीर में आर्थिक विकास और नवाचार के लिए एक सशक्त और गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। उम्मीद है कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी और जम्मू-कश्मीर को उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

    इन योजनाओं के दम पर होगा जनसंख्या नियोजन

    • युवा मिशन
    • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
    • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
    • तेजस्वनी योजना
    • मुमकिन योजना

    स्टार्टअप बनाकर युवाओं को रोजगार के लिए प्रेरित कर रहे हैं डा. सज्जाद

    कश्मीर के पंपोर के गांव चांदहारा में कश्मीर एग्रो एक्सपोर्ट नाम से स्टार्टअप स्थापित करके डा. सज्जाद उल अकबर वानी ने करीब 150 युवाओं को केसर की खेती के लिए प्रेरित किया है। डा. सज्जाद ने साल 2015 में स्टार्टअप स्थापित किया था। युवाओं को अपनी पारंपरिक केसर की खेती के लिए प्रेरित किया। नौकरियों की तरफ न भाग कर स्वयं ही रोजगार की राह बनने की दिशा में उनके प्रयास अहम साबित हुए हैं।

    स्वयं केसर की खेती करके फिर उनको मार्केट में बेचने पर यह एक स्वरोजगार का बेहतर जरिया बना है। सज्जाद का कहना है कि आम तौर पर युवा खेती से दूर होते जा रहे है। नौकरियों के लिए भागने से यह अच्छा है कि हम दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाने का काम करें। चांदहारा लेथपोरा में चार सौ से अधिक दुकानें है यहां पर हमारे गांवों का केसर मिलता है।

    देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटक केसर खरीद कर जाते हैं। जमीन पर लगातार रसायन खाद डाल कर इलाके में पैदावार में भारी गिरावट आई है। अब हमने जैविक खाद को अपनाने की दिशा में काम शुरु किया है। कश्मीर विवि से पढ़ाई कर चुके डा. सज्जाद इस समय शेर-ए-कश्मीर कृषि, विज्ञान और तकनीक विश्वविद्यालय कश्मीर में युवाओं को खेती के गुर देने के लिए जाते हैं।

    वह संयुक्त राष्ट्र में सीएमएस-काप 13 में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्टार्टअप को बढ़ावा दे रहे है। यह समय की जरूरत है कि हम स्टार्टअप के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए।