मनोहर लाल की दो टूक, चिनाब-सिंधु जल विद्युत परियोजनाओं पर पाकिस्तान की आपत्ति नामंजूर; अपने लोगों के लिए होगा पानी का इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि चिनाब और सिंधु बेसिन में जलविद्युत परियोजनाओं पर पाकिस्तान की आपत्तियां भारत को अस्वीकार्य हैं। उन्होंने क ...और पढ़ें
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चिनाब-सिंधु जल विद्युत परियोजनाओं पर क्या बोले मनोहर लाल। फोटो जागरण
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सीधे और सपाट शब्दों में कहा कि चिनाब और सिंधु बेसिन में जलविद्युत परियोजनाओं पर पाकिस्तान की प्रत्येक आपत्ति भारत को अस्वीकार्य है।
आज यहां किश्तवाड़ में रतले जलविद्युत परियोजना के दूसरे चरण के लिए बांध कंक्रीटिंग कार्यों की आधारशिला रखने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा चिनाब और सिंधु का पानी हमारे अपने लोगों के फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने जलविद्युत परियोजनाओं में आतंकी-अलगाववादी या किसी अन्य आपराधिक पृष्ठभूमिक वाले व्यक्ति को काम पर न रखने पर जोर देते हुए कहा कि यह परियोजनाएं राष्ट्रीय और सामरिक महत्व की हैं। इसलिए इनमें कानून को मानने वालेऔर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सत्यापित लोगों को काम पर रखा जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने आज जिला रियासी में सलाल जलविद्युत परियोजना का भी जायजा लिया। उन्होंने सलाल जलविद्युत परियोजना की सफाई और झील में गाद निकालने के काम को तेजी से पूरा करने के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने सावलाकोट जलविद्युत परियोजना का भी हवाई सर्वेक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि सिंधु जल नदी समझौते के तहत भारत को जम्मू कश्मीर में चिनाब,झेलम व अन्य नदियों और लद्दाख में सिंध नदी के पानी को रोकने का अधिकार नहीं है। वह इन पर रन आफ वाटर जलविद्युत परियोजनाओं का ही निर्माण कर सकता है।
पाकिस्तान हमेशा ही जम्मू कश्मीर में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण, चिनाबद्वझेलम व सिंध पर किसी भी तरह के बांध निर्माण का विरोध करता आया है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल नदी समझौते केा स्थगित कर दिया है।
आज किश्तवाड़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की कोई आपत्ति नहीं मानी जाएगी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हम अपनी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सिंधु जल संधि को रोककर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।
चिनाब और सिंधु का पानी हमारे अपने लोगों के फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह हमारे दरिया हैं,इन पर पहला हक हम लोगों का है,जम्मू कश्मीर की जनता का हक है।
किश्तवाड़ में एक जलविद्युत परियोजनाओं में आतंकी-अलगाववादी पृष्ठभूमि के कुछ लोगों को काम पर रखे जाने व परियोजनाओं से संबधित काम के ठेके दिए जाने से संबधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जारी परियोजनायों में किसी भी संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को, जिसका कोई आतंकी या अलगाववादी कनेक्शन हो,काम पर नहीं रखा जाएगा।
रोज़गार सिर्फ़ वेरिफाइड और कानून का पालन करने वाले वर्कर्स को ही दिया जाएगा। अच्छे लोगों को काम मिलना चाहिए। इन परियोजनाओं में काम करने वालों के बारे में कोई भी जानकारी संबधित संस्थानों व एजेंसियों के जरिए सत्यापित की जाएगी।
इसके साथ ही उनहोंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन परियोजनाओं के संदर्भ में केाई गलत या चिंताजनक इनपुट नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यहां किश्तवाड़ में जलविद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में कुछ लोगों की शिकायते हैं,जिनमें से कुछ मामले स्थानीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे और जो कुछ गंभीर प्रकृति के मामले हैं,उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही हल किया जाएगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैने आज सलाल प्रोजेक्ट का दौरा किया और सवालकोट (हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट) का एरियल सर्वे भी किया। रतले परियोजना के दूसरे चरण में भी आज अौपचारिक व अधिकारिक यप से काम शुरु हो गया है। इसे समय पर पूरा करके, एनएचपीसी 800 मेगावाट बिजली बनाएगी, जो देश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में एक अहम योगदान होगा।

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