यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'योग्यता प्रक्रिया को बनाएं तर्कसंगत, युवाओं के भविष्य की...', इल्तिजा मुफ्ती बोलीं- CM अब्दुल्ला से पूरी उम्मीद
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू में आरक्षण नीति के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समयबद्ध तरीके से योग्यता प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाना सुनिश्चित करेंगे।
वरिष्ठ नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और संसद सदस्य आगा रुहुल्लाह के नेतृत्व में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आधिकारिक आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
'युवा अवसरों की कमी के कारण संकट में'
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पांच छात्रों का एक समूह मुख्यमंत्री से मिलेगा और हमें उम्मीद है कि वह उन्हें योग्यता प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से तर्कसंगत बनाने का आश्वासन देंगे। युवाओं के संघर्षों पर मुफ्ती ने कहा कि हमारे युवा बेरोजगारी और अवसरों की कमी के कारण संकट में हैं।
उनके भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए और उनके मुद्दों को नजरअंदाज या हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जबकि राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 जैसे व्यापक मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं, वे सरकार से युवाओं के लिए शिक्षा और नौकरी के अवसरों जैसी तत्काल समस्याओं को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।
नेकां सांसद ने सीएम आवास के बाहर किया जमकर प्रदर्शन
बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और सांसद उमर आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरक्षण नीति को लेकर वे आज दोपहर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के घर के बाहर जमकर धरना प्रदर्शन किया। उनके साथ धरने में शामिल होने के लिए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता वहीद उर रहमान परा और इल्तिजा मुफ्ती भी अपने साथियों संग पहुंचे थे।
क्यों धरना प्रदर्शन किए नेकां सांसद
जम्मू कश्मीर में बीते पांच वर्ष के दौरान आरक्षित वर्गों के लिए कोटा बढ़कर लगभग 65 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे जम्मू कश्मीर में कई वर्गों में रोष है, क्योंकि सामान्य वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों व सरकारी शिक्षण संस्थानों में अवसर लगभग 35 प्रतिशत तक सीमित हो गए हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार ने इस मामले के समाधान के लिए कैबिनेट उपसमिति का गठन किया है, लेकिन मामला शांत नहीं हो रहा है। सांसद आगा सैयद रुहुल्ला ने आज इसी मुद्दे पर धरना प्रदर्शन किया।
