कश्मीर तक रेल का सपना साकार मगर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती, कैसे निपटेगा रेलवे क्या हैं इंतजाम?
कश्मीर तक रेल परियोजना की सुरक्षा में आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है। रेलवे सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ आरपीएफ जीआरपी जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना को शामिल किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी रहेगी। कटड़ा-बनिहाल रेलवे सेक्शन में चार जीआरपी पुलिस स्टेशन और चार जीआरपी चौकियां स्थापित की गई हैं। इस महीने कश्मीर को रेल लाइन से जोड़ने की तैयारी है।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। Jammu Kashmir News: बहुप्रतीक्षित और बेहद महत्वपूर्ण उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना कड़े सुरक्षा घेरे में रहेगी।
परियोजना की भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा के महत्व को देखते हुए इसे अलग-अलग वर्गों में वर्गीकृत कर व्यापक सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। इसमें सीआरपीएफ, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना को भी शामिल किया गया है।
ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी
रेलवे लाइन पर नियमित अंतराल पर गश्त के अलावा ड्रोन और सीसीटीवी से भी निगरानी रहेगी। रियासी में चिनाब नदी पर विश्व के सबसे ऊंचे आर्च पुल की निगरानी व सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय राइफल्स की एक कंपनी विशेष रूप से तैनात रहेगी।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कटड़ा-बनिहाल रेलवे सेक्शन में चार जीआरपी पुलिस स्टेशन और चार जीआरपी चौकियां स्थापित की हैं। कटड़ा में सिग्नल सेंटर भी स्थापित किया गया है और जीआरपी में अधिकारियों व जवानों के 772 नए पद भी सृजित किए जा चुके हैं। इसी माह कश्मीर को रेल लाइन के जरिये पूरे देश से जोड़ने की तैयारी है।
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रेलवे लाइन की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
उधमपुर -श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन परियोजना में विशेषकर कटड़ा से बनिहाल तक रेलवे लाइन की सुरक्षा सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। इस क्षेत्र में रेलवे लाइन का अधिकांश हिस्सा सुरंग व पुलों पर ही है। साथ ही यह क्षेत्र आतंकग्रस्त भी रहा है।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि यह रेलवे लाइन परियोजना सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इसकी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए एक प्रभावी सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन संवेदनशील इलाकों में रेलवे लाइन गुजर रही है, वहां आसपास अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना संभालेगी। आरपीएफ रेलवे स्टेशनों और रेलगाड़ियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगी।
आतंकी हमले से निपटने के लिए CRPF तैनात
कानून व्यवस्था की स्थिति से लेकर रेलवे संबंधी अपराधों से निपटने की जम्मेदारी जीआरपी की रहेगी। किसी भी आतंकी हमले से निपटने के लिए जीआरपी, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के दस्तों को तैनात किया जाएगा। रेलवे ट्रैक के विभिन्न हिस्सों की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए एक नियंत्रण कक्ष भी तैयार किया गया है।
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