नववर्ष पर जम्मू-कश्मीर बैंक ने की जनकल्याण की पहल, पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल कार्डियक केयर यूनिट लोगों को समर्पित
जम्मू-कश्मीर बैंक ने नववर्ष पर अपनी सीएसआर पहल के तहत 'हार्ट क्लिनिक ऑन व्हील्स' मोबाइल कार्डियक केयर यूनिट समर्पित की। यह पूरी तरह सुसज्जित इकाई उम्म ...और पढ़ें

बैंक का लक्ष्य पहले वर्ष में 5,000 से अधिक लोगों की जांच करना है, जिससे रोकथाम और जागरूकता पर भी जोर दिया जा सके।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। नववर्ष के पहले दिन जनकल्याण की एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जम्मू-कश्मीर बैंक ने अपने सामाजिक दायित्व(सीएसआर) योजना के तहत लोगों के लिए हार्ट क्लिनिक आन व्हील्स को समर्पित किया। यह पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल कार्डियक केयर यूनिट जम्मू-कश्मीर के लोगों को समर्पित की गई है।
वीरवार को बैंक के कार्यकारी निदेशक सुधीर गुप्ता ने बैंक के कारपोरेट मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उम्मीद फाउंडेशन के रीजनल हेड डा. ज़ुबैर सलीम को इस मोबाइल यूनिट की चाबियां सौंपीं। इस अवसर पर चीफ जनरल मैनेजर इम्तियाज़ अहमद, जनरल मैनेजर (सीएसआर) मोहम्मद मुज़फ़्फ़र वानी, डीजीएम हफीज़ा रहीम, वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट एवं परियोजना सलाहकार डा. खुर्शीद असलम खान सहित बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह परियोजना एक गैर-लाभकारी संस्था उम्मीद फाउंडेशन द्वारा लागू की जा रही है, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं और हृदय रोग हस्तक्षेपों का दस वर्षों से अधिक का अनुभव है। परियोजना के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, हृदय स्वास्थ्य पर जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल हेल्थ रजिस्ट्री का निर्माण भी शामिल है।
लोगों को सशक्त बनाने के अपने मिशन पर बैंक अडिग
नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कार्यकारी निदेशक सुधीर गुप्ता ने कहा कि बैंक लोगों को सशक्त बनाने के अपने मिशन पर अडिग है। उन्होंने कहा,हमें खुशी है कि हमने नए साल की शुरुआत लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने वाली पहल से की है। समय पर हृदय उपचार जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकता है, विशेषकर जम्मू-कश्मीर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में। हार्ट क्लिनिक आन व्हील्स के माध्यम से बैंक ने अत्यंत जरूरतमंद लोगों तक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर-द्वार तक पहुंचाने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम और जागरूकता पर भी समान रूप से केंद्रित है। डा. खुर्शीद असलम खान ने बताया कि यह यूनिट एआई-सक्षम उन्नत डायग्नोस्टिक सिस्टम से लैस है, जो मौके पर ही जांच और वास्तविक समय में क्लिनिकल निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
5,000 से अधिक लोगों की जांच और निदान करना है उद्देश्य
यूनिट में वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक हृदय सहायता प्रणालियां भी उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों की तुरंत स्थिति स्थिर की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए त्वरित और सुनियोजित रेफरल भी सुनिश्चित किया जाएगा।
पूरी तरह वित्तपोषित इस परियोजना का उद्देश्य पहले वर्ष में 5,000 से अधिक लोगों की जांच और निदान करना है, जिनमें मुख्य रूप से बुजुर्ग नागरिक, रक्षा कर्मी व उनके परिवार तथा उच्च जोखिम वाले लोग शामिल हैं। आने वाले वर्षों में यह पहल केंद्र शासित प्रदेश भर में हजारों लोगों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।
दूरदराज़, सीमावर्ती जिलों में हृदय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएगी यह यूनिट
एक सिंगल-स्टाप मोबाइल कार्डियक आपातकालीन एवं डायग्नोस्टिक सुविधा के रूप में विकसित यह यूनिट दूरदराज़, पिछड़े और सीमावर्ती जिलों में हृदय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएगी। इसमें ईसीजी, होल्टर मानिटरिंग, एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग और लिपिड प्रोफाइल जैसी त्वरित रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे समय पर निदान और प्रारंभिक उपचार संभव हो सकेगा।

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