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    Jammu Kashmir News: मनोज सिन्हा बोले- नवाचार के कार्यक्रमों को बढ़ावा व एआई जैसे कोर्स शुरू करने को बनाएं व्यापक रणनीति

    Updated: Sat, 30 Nov 2024 08:51 PM (IST)

    श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) ने नवाचार क्षेत्रीय भाषाओं और चिकित्सा संकाय पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में यह सुझाव दिया। बैठक में पाठ्यक्रम विकास विश्वविद्यालय के कामकाज में सुधार और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर व्यापक चर्चा की।

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    बैठक करते जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय से कहा कि नवाचार के कार्यक्रमों व डिजाइन योर डिग्री, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, मैनेजमेंट एंड आर्किटेक्चर जिसमें शहरी और टाउन प्लैनिंग शामिल हो, जैसे कोर्स को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि हमें स्कूल आफ लैंग्वेज मजबूत करते हुए क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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    उपराज्यपाल ने आज शनिवार को श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटड़ा की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की 35वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त सुझाव दिए। विश्वविद्यालय की एग्जिक्यूटिव काउंसिल ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंसी के तहत मेडिकल फैकल्टी को स्थापित करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पाठ्यक्रम को विकसित करने व विश्वविद्यालय के कामकाज में सुधार लाने पर चर्चा की।

    ये प्रोफेसर हुए शामिल

    बैठक में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर प्रगति कुमार, जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर उमेश राय, कश्मीर विश्वविद्यालय की वीसी प्रोफेसर नीलोफर खान, अहमदाबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर पंकज चंद्र, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर एएसके सिन्हा, आईआईटी जम्मू के निदेशक प्रोफेसर मनोज सिंह गौड़, उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. मनदीप कुमार भंडारी, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग, रजिस्टर अजय कुमार शर्मा और अन्य सदस्यों में भाग लिया।

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    'मौजूदा पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाए'

    बैठक में विश्वविद्यालय के अकादमिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की गई। फैकल्टी सदस्यों को कैरियर एडवांसमेंट प्रमोशन का लाभ देने, नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्यों के पदोन्नित के मुद्दों, विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने, कैंपस प्लेसमेंट, विश्वविद्यालय के आउटरीच कार्यक्रम, इनोवेशन और स्टार्टअप को बढ़ावा देने, रिसर्च, प्रशिक्षण और कौशल विकास पर चर्चा की गई।

    उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय को जोर देकर कहा कि नए कोर्स शुरू किए जाएं और मौजूदा पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाए जिसमें कार्य क्षमता पर ध्यान देकर विभिन्न क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम में मुद्दों को शामिल किए जाएं।

    पिछली बैठक में लिए गए फैसलों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट भी दी गई। इससे पहले वाइस चांसलर प्रोफेसर प्रगति कुमार ने विश्वविद्यालय के एजेंडा आइटम को एग्जिक्यूटिव काउंसिल के सामने पेश किया।

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