जम्मू-कश्मीर में ठंड का कहर: मेडिकल कालेज जम्मू ने जारी की जन-स्वास्थ्य सलाह, जानें बचाव के उपाय
जम्मू-कश्मीर में तापमान गिरने के बाद जीएमसी जम्मू ने जन-स्वास्थ्य सलाह जारी की है। इसमें अत्यधिक ठंड से बचने के लिए सावधानियां बरतने की अपील की गई है। ...और पढ़ें

जीएमसी जम्मू की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 20 प्रतिशत ठंड से संबंधित घटनाएं घरों के अंदर ही होती हैं।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तापमान में आई तेज गिरावट के मद्देनज़र मेडिकल कालेज जम्मू ने आम जनता के लिए एक जन-स्वास्थ्य सलाह जारी की है। लोगों से अत्यधिक ठंड के प्रभावों से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
सलाह के अनुसार, ठंड से जुड़ी चोटें और बीमारियां समाज के कमजोर वर्गों को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 50 प्रतिशत मामले 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में दर्ज किए जाते हैं, जबकि लगभग 75 प्रतिशत पीड़ित पुरुष होते हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि करीब 20 प्रतिशत ठंड से संबंधित घटनाएं घरों के अंदर ही होती हैं।
जीएमसी जम्मू के चिकित्सीय विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
जीएमसी जम्मू के चिकित्सीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक ठंड के दौरान हाइपोथर्मिया और फ्रास्टबाइट सबसे आम और गंभीर खतरे होते हैं। हाइपोथर्मिया तब होता है जब शरीर का तापमान 95 डिग्री फारेनहाइट से नीचे चला जाता है, वहीं फ्रास्टबाइट की स्थिति में माइनस 20 डिग्री फारेनहाइट की तेज ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से महज 30 मिनट के भीतर शरीर के ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
चिकित्सकों ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा ठंड के मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। हीटर और अन्य ताप उपकरणों के गलत उपयोग से कार्बन मोनोाक्साइड विषाक्तता, बिजली आपूर्ति बाधित होना, पानी की पाइपों का जम जाना तथा अत्यधिक खराब मौसम के दौरान वाहनों के खराब हो जाने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
यह सावधानियां भी बरतें
सावधानी के तौर पर लोगों को अत्यधिक ठंड के समय घरों के भीतर रहने, बुजुर्गों एवं अन्य कमजोर वर्ग के व्यक्तियों की नियमित रूप से देखभाल करने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में घरों की पानी की पाइपों को सुरक्षित एवं इंसुलेट करने, आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित हीटिंग व्यवस्था तैयार रखने तथा आग लगने की आशंका को कम करने के लिए मोमबत्तियों के उपयोग से बचने की अपील की गई है। इसके अलावा, वाहन मालिकों से अपने वाहनों को सर्दियों के अनुरूप तैयार रखने को कहा गया है।
इसमें एंटीफ्रीज का प्रयोग, टायरों में उचित हवा का दबाव बनाए रखना, वाइपर तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की जांच शामिल है।

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